उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में बदली यूपी के बाजारों की तस्वीर, बेहतर बिजली और सुरक्षा से कारोबार को मिली रफ्तार

Kavita2
22 Oct 2026 4:31 PM IST
योगी सरकार में बदली यूपी के बाजारों की तस्वीर, बेहतर बिजली और सुरक्षा से कारोबार को मिली रफ्तार
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था और बिजली आपूर्ति को मजबूत बनाने के लिए उठाए गए कदमों को व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। राज्य सरकार का दावा है कि बेहतर बिजली आपूर्ति, अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और व्यापारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने से प्रदेश में कारोबार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। गांवों से लेकर बड़े शहरों तक बिजली की उपलब्धता बढ़ने से दुकानों, बाजारों, छोटे उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन में सुविधा मिली है। वहीं, सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत संगठित अपराध और अवैध वसूली के खिलाफ कार्रवाई से व्यापारियों का भरोसा बढ़ाने का प्रयास किया गया है। प्रदेश के कई प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में शाम और रात के समय भी गतिविधियां जारी रहती हैं। हालांकि, कारोबार में वास्तविक वृद्धि और अपराधों में कमी का आकलन स्वतंत्र आर्थिक तथा अपराध संबंधी आंकड़ों के आधार पर किया जाना आवश्यक है।

बेहतर कानून-व्यवस्था से कारोबार को बढ़ावा देने पर जोर

उत्तर प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को आर्थिक विकास के प्रमुख आधारों में शामिल करती रही है।

सरकार का कहना है कि व्यापार और उद्योग के विस्तार के लिए सुरक्षित वातावरण आवश्यक है।

इसी उद्देश्य से अपराधियों, माफिया और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई है।

व्यापारिक क्षेत्रों में पुलिस गश्त, निगरानी और शिकायतों पर कार्रवाई जैसी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सरकार के अनुसार, इन कदमों का उद्देश्य व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने प्रतिष्ठानों का संचालन कर सकें।

गांव से शहर तक बिजली आपूर्ति में सुधार

उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में बिजली वितरण और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है।

राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 20 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 22 घंटे और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति दर्ज की गई थी।

इसके अलावा अप्रैल 2022 से वित्त वर्ष 2025-26 तक नए विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण और मौजूदा उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने के लिए भी काम किया गया।

बिजली आपूर्ति में सुधार से छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों और ग्रामीण उद्योगों के लिए नियमित कामकाज करना आसान हो सकता है।

देर रात तक बाजारों में कारोबारी गतिविधियां

बेहतर बिजली और सुरक्षा व्यवस्था का असर शाम तथा रात के समय चलने वाली व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।

प्रदेश के विभिन्न शहरों में भोजनालय, होटल, रेस्तरां, बाजार और अन्य सेवा क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठान देर शाम तक ग्राहकों को सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं।

सरकार का दावा है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से व्यापारियों और ग्राहकों का भरोसा बढ़ा है।

हालांकि, बाजारों के खुलने और बंद होने का समय स्थानीय नियमों, अनुमति तथा व्यवसाय की प्रकृति पर निर्भर करता है।

ऐसे में देर रात तक बाजारों का संचालन सभी क्षेत्रों में एक समान नहीं माना जा सकता।

जीरो टॉलरेंस नीति पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अपराध और संगठित आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने पर जोर दिया है।

इस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी जाती है।

सरकार का कहना है कि व्यापारियों से जबरन वसूली, धमकी और अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई से कारोबारी माहौल में सुधार लाया जा सकता है।

व्यापारियों की सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन की सक्रियता भी महत्वपूर्ण है।

साथ ही सभी कार्रवाइयों में कानून और न्यायिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।

छोटे व्यापारियों को बिजली से बड़ी राहत

बेहतर बिजली आपूर्ति का सबसे अधिक व्यावहारिक लाभ छोटे दुकानदारों और सूक्ष्म उद्यमियों को मिल सकता है।

किराना दुकानें, डेयरी प्रतिष्ठान, आटा चक्कियां, वेल्डिंग इकाइयां, सिलाई केंद्र और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े छोटे व्यवसाय नियमित बिजली पर निर्भर होते हैं।

बिजली कटौती होने पर इन कारोबारों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों या जनरेटर का सहारा लेना पड़ता है, जिससे परिचालन लागत बढ़ सकती है।

नियमित बिजली आपूर्ति होने से उपकरणों का संचालन सुचारू रखने और अनावश्यक खर्च कम करने में मदद मिल सकती है।

सरकार के अनुसार, ग्रामीण विद्युतीकरण और वितरण व्यवस्था में सुधार से कृषि, डेयरी तथा कुटीर उद्योगों को भी लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

त्योहारों पर निर्बाध बिजली देने के निर्देश

उत्तर प्रदेश सरकार ने त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए हैं।

19 अक्टूबर 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दशहरा, दीपावली और छठ सहित त्योहारों पर गांवों और शहरों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके तहत उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की वितरण कंपनियों को लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य उपकरणों का रखरखाव करने को कहा गया है।

बिजली विभाग की टीमों को तकनीकी खराबी और ट्रिपिंग की घटनाओं को कम करने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।

व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए अहम है बिजली

व्यापारिक गतिविधियों में बिजली की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

अब छोटे दुकानदार भी डिजिटल भुगतान, कंप्यूटर आधारित बिलिंग, रेफ्रिजरेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं।

रेस्तरां, होटल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा निर्माण इकाइयों के लिए भी नियमित बिजली की उपलब्धता आवश्यक है।

बिजली आपूर्ति बेहतर रहने पर कारोबारी गतिविधियों में व्यवधान कम हो सकता है।

इससे व्यापारियों को अपने ग्राहकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है।

औद्योगिक विकास के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाएं

उत्तर प्रदेश में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए सड़क, बिजली, परिवहन और सुरक्षा जैसी आधारभूत सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है।

किसी भी औद्योगिक इकाई की स्थापना से पहले उद्यमी बिजली की उपलब्धता, परिवहन व्यवस्था और स्थानीय प्रशासनिक परिस्थितियों का मूल्यांकन करते हैं।

नियमित बिजली मिलने से उत्पादन प्रक्रिया में रुकावट कम हो सकती है।

वहीं, सुरक्षित कारोबारी वातावरण उद्योगों के संचालन और कर्मचारियों की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण है।

हालांकि, निवेश बढ़ने का संबंध बिजली और सुरक्षा के अलावा बाजार की मांग, श्रमिकों की उपलब्धता, वित्तीय सुविधाओं और नीतिगत स्थिरता से भी होता है।

बिजली नेटवर्क को मजबूत करने पर काम

प्रदेश सरकार ने बिजली वितरण नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं।

इनमें नए उपकेंद्रों का निर्माण, पुराने ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाना और बिजली लाइनों का आधुनिकीकरण शामिल है।

सरकारी विवरण के अनुसार, अप्रैल 2022 से वित्त वर्ष 2025-26 तक प्रदेश में 20,924 नए वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए और 85,684 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई।

इन उपायों का उद्देश्य बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारना और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए वितरण नेटवर्क तैयार करना है।

डिजिटल भुगतान और छोटे कारोबार को सुविधा

प्रदेश में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल बढ़ने से व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए इंटरनेट और बिजली की उपलब्धता अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

दुकानों पर क्यूआर कोड, डिजिटल बिलिंग और ऑनलाइन ऑर्डर जैसी सुविधाएं अब सामान्य कारोबारी गतिविधियों का हिस्सा बन रही हैं।

नियमित बिजली मिलने से दुकानदार इन सेवाओं को अधिक सुचारू तरीके से संचालित कर सकते हैं।

इसके अलावा छोटे व्यापारी ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देने और अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

बिजली और सुरक्षा में सुधार के साथ चुनौतियां भी

बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों के बावजूद कुछ क्षेत्रों में तकनीकी खराबी, ट्रांसफार्मर की समस्या और स्थानीय बिजली कटौती जैसी चुनौतियां बनी रह सकती हैं।

इसी तरह कानून-व्यवस्था के मामले में अपराधों की रोकथाम के साथ शिकायतों का त्वरित निस्तारण और निष्पक्ष जांच भी आवश्यक है।

व्यापारियों के लिए सुरक्षित वातावरण का अर्थ केवल पुलिस की मौजूदगी नहीं, बल्कि शिकायत दर्ज कराने और न्याय प्राप्त करने की विश्वसनीय व्यवस्था भी है।

इसलिए सरकारी प्रयासों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन नियमित बिजली आपूर्ति, अपराध के आंकड़ों और व्यापारियों के वास्तविक अनुभवों से किया जाना जरूरी है।

आर्थिक गतिविधियों को गति देने की कोशिश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार बिजली आपूर्ति, कानून-व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाकर कारोबार को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रही है।

सरकार का दावा है कि इन कदमों से व्यापारिक वातावरण में सकारात्मक बदलाव आया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली उपलब्धता बढ़ने से छोटे उद्योगों के संचालन में सुविधा मिलने की संभावना है, जबकि शहरी क्षेत्रों में बेहतर वितरण व्यवस्था व्यापारिक गतिविधियों को सहारा दे सकती है।

सुरक्षा और बिजली की व्यवस्था को लगातार मजबूत बनाना राज्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल सरकार की प्राथमिकता व्यापारियों को सुरक्षित वातावरण, नियमित बिजली और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

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