उत्तर प्रदेश

Lake के खत्म होते अस्तित्व ने बढ़ाई चिंता

Kanchan Paikara
5 July 2026 3:30 PM IST
Lake के खत्म होते अस्तित्व ने बढ़ाई चिंता
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Sultanpur सुल्तानपुर : सुल्तानपुर बढ़ती आबादी और प्राकृतिक संसाधनों के लगातार दोहन का असर अब झीलों और नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है। इसका एक बड़ा उदाहरण उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले की गौरव झील है, जो कभी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और कमल के फूलों की भरपूर पैदावार के लिए जानी जाती थी, लेकिन आज यह झील अपने अस्तित्व को बचाने की जद्दोजहद कर रही है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गौरव झील में पहले बारिश के मौसम में सैकड़ों कुंटल कमल के फूल खिलते थे। ये कमल न केवल झील की सुंदरता बढ़ाते थे, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आय का साधन भी थे। लोग कमल के फूलों को तोड़कर बाजार में बेचते थे और इससे अच्छी कमाई करते थे। लेकिन समय के साथ देखरेख और संरक्षण के अभाव में यह परंपरा धीरे-धीरे खत्म हो गई।
धनपतगंज ब्लॉक स्थित यह गौरव झील एक ऐतिहासिक झील मानी जाती है, जिसका इतिहास सैकड़ों वर्षों पुराना बताया जाता है। गांव के लोग बताते हैं कि एक समय था जब झील से कमल उत्पादन बड़े स्तर पर होता था और यह क्षेत्र कमल व्यापार के लिए प्रसिद्ध था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और कमल के फूल लगभग विलुप्त हो चुके हैं।
स्थानीय निवासी विश्वनाथ के अनुसार, पहले यहां भारी मात्रा में कमल का उत्पादन होता था, लेकिन अब यह उत्पादन लगभग खत्म हो गया है। उनका कहना है कि इसका मुख्य कारण झील की अनदेखी, साफ-सफाई का अभाव और समय पर रखरखाव न होना है। इससे झील की प्राकृतिक संरचना प्रभावित हुई है।
गांव के ही एक अन्य निवासी बसंतराम विश्वकर्मा बताते हैं कि इस झील में पहले सर्दियों के मौसम में विदेशी पक्षियों का भी प्रवास होता था। विभिन्न प्रजातियों के पक्षी यहां आते थे और झील का वातावरण जीवंत बना रहता था। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। जलकुंभी और जहरीली घासों की बढ़ोतरी तथा सफाई न होने के कारण विदेशी पक्षियों का आना भी बंद हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते झील की सफाई और संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह ऐतिहासिक धरोहर पूरी तरह खत्म हो सकती है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि गौरव झील के पुनर्जीवन के लिए विशेष योजना बनाई जाए ताकि इसका प्राकृतिक स्वरूप और पुरानी पहचान बचाई जा सके।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, जलस्रोतों की अनदेखी से न केवल जैव विविधता प्रभावित होती है, बल्कि स्थानीय जलवायु और कृषि पर भी इसका असर पड़ता है। गौरव झील का मामला भी इसी गंभीर समस्या की ओर संकेत करता है।
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