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- हेलीपोर्ट से आसान होगी...

मीरजापुर। मां विंध्यवासिनी धाम में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जल्द ही बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। विंध्याचल में पटेंगरा नाला के पास लगभग आठ करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु हेलीकॉप्टर के माध्यम से सीधे विंध्यधाम के करीब पहुंच सकेंगे और कुछ ही मिनटों में मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर पाएंगे।
हेलीपोर्ट निर्माण की योजना से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का मानना है कि हवाई सुविधा शुरू होने के बाद विंध्याचल आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और अन्य पर्यटन गतिविधियों को भी फायदा मिलेगा।
जिला प्रशासन की ओर से हेलीपोर्ट निर्माण के लिए पर्यटन विभाग को पटेंगरा नाला के पास जमीन उपलब्ध करा दी गई है। नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार के अनुसार, इस परियोजना पर करीब आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हेलीपोर्ट निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को सौंपी गई है। योजना पूरी होने के बाद आम लोग भी हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
वर्तमान में दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को सड़क मार्ग से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। खासकर बुजुर्ग, दिव्यांग और समय की कमी वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा में परेशानी होती है। हेलीपोर्ट बनने के बाद ऐसे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। श्रद्धालु कम समय में विंध्यधाम पहुंचकर दर्शन-पूजन कर सकेंगे।
इस परियोजना का लाभ केवल मां विंध्यवासिनी मंदिर तक सीमित नहीं रहेगा। हेलीपोर्ट बनने के बाद श्रद्धालु विंध्याचल दर्शन के साथ ही वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, नैमिषारण्य, अयोध्या और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा भी कम समय में कर सकेंगे। इससे धार्मिक पर्यटन का एक नया सर्किट विकसित होने की संभावना है।
प्रशासन के अनुसार, हवाई यातायात शुरू होने से क्षेत्र में राजस्व वृद्धि भी होगी। इसके अलावा वीआईपी आगमन के समय अस्थायी हेलीपैड बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे प्रशासनिक खर्च में भी कमी आएगी और सरकारी संसाधनों की बचत होगी।
हेलीपोर्ट में यात्रियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। यहां टर्मिनल बिल्डिंग और वातानुकूलित लाउंज बनाए जाएंगे, जहां यात्री उड़ान से पहले आराम कर सकेंगे। इसके अलावा टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, सुरक्षा जांच व्यवस्था, बैगेज स्कैनर, मेटल डिटेक्टर, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
विंध्याचल में हर साल वासंतिक और शारदीय नवरात्र के दौरान लाखों श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में भी बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में पूजा-अर्चना करने आते हैं। ऐसे में हेलीपोर्ट बनने से श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही विंध्याचल में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण की योजना पर भी काम चल रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख स्थानों पर पार्किंग बनाई जाएगी, जिस पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। शासन से इस योजना को मंजूरी मिल चुकी है।
प्रशासन का कहना है कि हेलीपोर्ट और अन्य सुविधाओं के विकसित होने से विंध्य क्षेत्र की पहचान एक बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में मजबूत होगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। आने वाले समय में विंध्याचल धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ हवाई संपर्क के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकता है।





