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लखनऊ | कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से चार सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। यह मामला काफी समय से चर्चा में है और इस पर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
क्या है मामला?
राहुल गांधी पर आरोप लगाया जाता रहा है कि उनके पास भारतीय नागरिकता के अलावा विदेशी नागरिकता भी है। यह मामला 2015 में भी चर्चा में आया था, जब भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता रखने का आरोप लगाया था। स्वामी ने दावा किया था कि राहुल गांधी 'Backops Limited' नाम की एक कंपनी से जुड़े थे, जिसमें उन्होंने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था। इस आरोप के आधार पर गृह मंत्रालय से राहुल गांधी की नागरिकता की जांच की मांग की गई थी।
हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय से मांगा जवाब
अब इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने गृह मंत्रालय को चार सप्ताह के भीतर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर कोई संदेह है, तो इसे जल्द सुलझाया जाए।
राहुल गांधी और कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार देती आई है। पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी जन्म से भारतीय नागरिक हैं और उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। राहुल गांधी ने खुद भी इस मुद्दे पर कहा था कि उनकी नागरिकता को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए, क्योंकि वे भारत में जन्मे हैं और यहीं की राजनीति कर रहे हैं।
राजनीतिक घमासान तेज
इस मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनातनी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि अगर राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता के प्रमाण हैं, तो उनके लोकसभा चुनाव लड़ने पर भी सवाल उठ सकता है। दूसरी ओर, कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक हथकंडा बताकर खारिज कर रही है।
नागरिकता कानून क्या कहता है?
भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। भारतीय संविधान के अनुसार, कोई भी व्यक्ति अगर किसी अन्य देश की नागरिकता लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है। अगर राहुल गांधी की विदेशी नागरिकता को लेकर कोई प्रमाण सामने आता है, तो उन्हें लोकसभा की सदस्यता से भी अयोग्य ठहराया जा सकता है।
आगे क्या होगा?
गृह मंत्रालय को अब चार हफ्तों के भीतर जवाब देना होगा। अगर मंत्रालय इस मुद्दे पर ठोस जानकारी देता है, तो इससे राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। अगर कोई संदेह बना रहता है, तो मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी जा सकता है।
निष्कर्ष
राहुल गांधी की नागरिकता का मुद्दा एक बार फिर राजनीति के केंद्र में आ गया है। जहां एक ओर भाजपा इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक हमला बताकर खारिज कर रही है। अब देखना होगा कि गृह मंत्रालय का जवाब क्या आता है और अदालत इस पर क्या फैसला सुनाती है।





