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बिल के खातिर मरीज को 48 घंटे तक रोके जाने के मामले को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया
लखनऊ न्यूज़: राजाबाजार स्थित निजी अस्पताल में बिल के खातिर मरीज को 48 घंटे तक रोके जाने के मामले को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है. मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की है. एक सप्ताह में रिपोर्ट देनी होगी.
उन्नाव बागरमऊ निवासी करन (26) हादसे में जख्मी हो गया था. ट्रॉमा में भर्ती न होने पर एंबुलेंस कर्मचारियों ने मरीज को राजाबाजार के निजी अस्पताल में भर्ती कराया थ. आरोप है इलाज के नाम पर करीब दो लाख रुपए ले लिए गए. बकाए बिल का भुगतान न होने पर मरीज को दो दिन तक रोके रखा गया. परिवारीजनों ने मामले की शिकायत उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से की थी. सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने डॉ. एपी सिंह व डॉ. केडी मिश्रा को जांच करने के निर्देश दिए हैं. जानकारी के अनुसार कमेटी ने अस्पताल से मरीज के इलाज संबंधी दस्तावेज मांगे हैं. बिल आदि का ब्यौरा भी मांगा है. मरीज-तीमारदारों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है.
गरीबों के लिए 52 रैन बसेरे:
शहर में गरीबों के लिए 25 स्थायी और 27 अस्थायी रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है. डीएम सूर्य पाल गंगवार ने बताया कि इनका संचालन स्वयं सेवी संस्थाएं और नगर निगम के माध्यम से किया जा रहा है.
रैन बसेरों में साफ सुथरे बेडशीट, कम्बल, गर्म पानी और शौचालय की सुविधा है. स्थाई रैन बसेरों में कम्युनिटी किचेन के माध्यम से रात का भोजन दिया जा रहा है. साथ ही कपड़ा बैंकों की व्यवस्था भी की गई है.