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उत्तर प्रदेश
शिक्षक भर्ती की लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट में 69 हजार अभ्यर्थियों को फैसले का इंतजार
nidhi
21 Sept 2026 6:50 AM IST

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शिक्षक भर्ती विवाद का निर्णायक दौर
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की 69 हजार शिक्षक भर्ती का विवाद एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले को लेकर कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। लंबे समय से चल रहे इस विवाद में लाखों अभ्यर्थियों की नजरें अब शीर्ष अदालत की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।
69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती का मामला आरक्षण नियमों, चयन प्रक्रिया और मेरिट सूची को लेकर विवादों में रहा है। इस मामले में कई अभ्यर्थियों और संगठनों की ओर से अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण के नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया, जबकि सरकार और संबंधित पक्ष अपनी दलीलें अदालत के सामने रख चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर अभ्यर्थियों में उम्मीद और चिंता दोनों बनी हुई हैं। लंबे समय से इस मामले में कानूनी लड़ाई जारी है और अब सभी पक्ष अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
क्या है 69 हजार शिक्षक भर्ती मामला
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राथमिक स्कूलों में सहायक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 69 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। परीक्षा और परिणाम के बाद चयन सूची जारी की गई, लेकिन इसके बाद आरक्षण को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार लाभ नहीं मिला। इसके बाद मामला हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।
अभ्यर्थियों की नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर
इस मामले में हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ है। चयनित अभ्यर्थी जहां अपनी नियुक्तियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं अन्य अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में सभी पक्ष अपनी दलीलें रखेंगे। अदालत के रुख पर आगे की प्रक्रिया निर्भर करेगी।
कई साल से जारी है कानूनी लड़ाई
69 हजार शिक्षक भर्ती विवाद कई वर्षों से अदालतों में चल रहा है। इस दौरान अलग-अलग अदालतों में इस मामले पर सुनवाई हुई और कई बार फैसलों को चुनौती दी गई। अभ्यर्थी संगठन लगातार इस मामले में जल्द समाधान की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से मामला लंबित होने के कारण हजारों युवाओं के करियर पर असर पड़ रहा है।
सरकार और अभ्यर्थियों की दलीलें
भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार की ओर से समय-समय पर अपना पक्ष रखा गया है। वहीं, विरोध कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि आरक्षण व्यवस्था से जुड़े नियमों को लेकर उनकी आपत्तियों पर उचित विचार होना चाहिए। अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से इस मामले में आगे की दिशा तय होने की उम्मीद है। अदालत के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्या कदम उठाए जाएंगे।
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