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गोरखपुर में बदलेगा ठेला बाजार का सिस्टम, नगर निगम ने बनाई योजना

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। बढ़ती आबादी और नगर निगम क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए शहर में नए वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही पुराने और अव्यवस्थित वेंडिंग जोनों को सुविधाओं से लैस कर दोबारा संचालित करने का फैसला लिया गया है।
नगर निगम सभागार में मंगलवार को नगर आयुक्त अजय जैन की अध्यक्षता में पथ विक्रय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर में वेंडिंग जोन की व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क किनारे लगने वाले ठेलों से होने वाली समस्याओं के समाधान को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में तय किया गया कि वेंडिंग जोन से 200 से 300 मीटर के दायरे में ठेले और पटरी दुकानें लगाने पर रोक रहेगी। इसका उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना और सड़कों पर होने वाले अतिक्रमण को नियंत्रित करना है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, शहर में कई जगहों पर वेंडिंग जोन बनाए गए थे, लेकिन पूरी तरह से व्यवस्थित व्यवस्था नहीं होने के कारण वे प्रभावी रूप से संचालित नहीं हो पाए। अब इन पुराने वेंडिंग जोनों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराकर फिर से सक्रिय किया जाएगा।
पुराने वेंडिंग जोनों में रुस्तमपुर, ट्रांसपोर्ट नगर और शास्त्री चौक सहित अन्य स्थान शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दुकानदारों के लिए बेहतर व्यवस्था, स्थान का निर्धारण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है।
नगर निगम का उद्देश्य है कि स्ट्रीट वेंडर्स को एक निश्चित स्थान मिले, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित न हो और शहर की व्यवस्था भी बेहतर बनी रहे। वेंडिंग जोन बनने से दुकानदारों को स्थायी जगह मिलेगी और ग्राहकों को भी खरीदारी में सुविधा होगी।
अधिकारियों ने बताया कि नए वेंडिंग जोन विकसित करने से पहले स्थानों का सर्वे किया जाएगा। ऐसे स्थान चुने जाएंगे जहां लोगों की आवाजाही हो और यातायात व्यवस्था पर भी ज्यादा असर न पड़े।
शहर में सड़क किनारे अनियंत्रित तरीके से लगने वाले ठेले अक्सर जाम और अतिक्रमण की समस्या पैदा करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने यह योजना तैयार की है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद वेंडिंग जोन के बाहर अवैध रूप से दुकान लगाने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि वेंडिंग जोन में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को बेहतर माहौल मिल सके।
नगर निगम का कहना है कि यह फैसला स्ट्रीट वेंडर्स और शहर दोनों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जहां एक ओर छोटे व्यापारियों को रोजगार के लिए सुरक्षित स्थान मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शहर में यातायात और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार आएगा।
गोरखपुर में वेंडिंग जोन की नई योजना लागू होने के बाद शहर के बाजारों और प्रमुख सड़कों पर व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। नगर निगम जल्द ही नए स्थानों की पहचान और पुराने वेंडिंग जोनों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू करेगा।





