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निर्माणाधीन मकान का बारजा गिरा, मलबे में दबकर गृहस्वामी की मौत; परिवार में मचा कोहराम

मऊ। कोडरी बनकटा गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां निर्माणाधीन मकान का बारजा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में मलबे के नीचे दबने से गृहस्वामी जितेंद्र प्रसाद (45) की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई, वहीं पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया।
जानकारी के अनुसार, जितेंद्र प्रसाद अपने निर्माणाधीन मकान के पास सोमवार सुबह करीब 6 बजे खड़े थे। इसी दौरान अचानक मकान का बारजा कमजोर होकर नीचे गिर गया। बारजा गिरते ही जितेंद्र उसके मलबे में दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
अचानक हुए हादसे से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर जितेंद्र प्रसाद को बाहर निकाला।
मलबे से बाहर निकालने के बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल उपचार के लिए मऊ जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनकी जांच की, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जितेंद्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
मेहनत की कमाई से बनवा रहे थे मकान
ग्रामीणों के अनुसार, जितेंद्र प्रसाद मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद वह अपने परिवार के लिए पक्का मकान बनाने का सपना देख रहे थे।
बताया गया कि पैसे की कमी के कारण वह कई वर्षों से धीरे-धीरे मकान का निर्माण करा रहे थे। जब भी मजदूरी से कुछ पैसे बचते, वह मकान के निर्माण में लगा देते थे।
ग्रामीणों ने बताया कि जितेंद्र मेहनती और व्यवहार कुशल व्यक्ति थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
हादसे से गांव में मातम
घटना के बाद गांव के लोग बड़ी संख्या में जितेंद्र के घर पहुंच गए। ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन मकान में सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। कमजोर निर्माण सामग्री या अधूरे हिस्सों के कारण इस तरह के हादसे हो सकते हैं।
प्रशासन को दी गई सूचना
घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को भी दी गई। अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि निर्माणाधीन मकान का बारजा कमजोर होने के कारण गिरा। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
परिवार पर आर्थिक संकट
जितेंद्र प्रसाद परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि परिवार को इस कठिन समय में कुछ राहत मिल सके।
निर्माण कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर भी यह हादसा एक सबक है। विशेषज्ञों के अनुसार, निर्माणाधीन इमारतों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। वहीं, परिवार अपने कमाने वाले सदस्य को खोने के गम में डूबा हुआ है। एक छोटे से हादसे ने परिवार की वर्षों की मेहनत और खुशियों को पलभर में बदल दिया।





