उत्तर प्रदेश

आगरा स्टेशन पर स्टेशन मास्टर से मारपीट मामला गरमाया, NCRES ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

Kavita2
14 July 2026 3:26 PM IST
आगरा स्टेशन पर स्टेशन मास्टर से मारपीट मामला गरमाया, NCRES ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
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आगरा : आगरा रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी का मामला अब गंभीर विवाद में बदल गया है। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA) के विरोध के बाद अब उत्तर मध्य रेलवे इंप्लाइज संघ (NCRES) भी इस मामले में खुलकर सामने आ गया है। रेलवे कर्मचारियों के बड़े संगठन ने दोषी आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।

NCRES ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे उत्तर मध्य रेलवे (NCR) क्षेत्र में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संघ का कहना है कि रेलवे कर्मचारियों के साथ ड्यूटी के दौरान इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मंगलवार को नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के केंद्रीय कार्यालय में इस मामले को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगरा मंडल के पदाधिकारी भी शामिल हुए और उन्होंने घटना से जुड़ी पूरी जानकारी संगठन के वरिष्ठ नेताओं के सामने रखी।

बैठक में आगरा मंडल के अध्यक्ष दीपक गोयल और मंडल सचिव अरुण शर्मा ने मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों में नाराजगी है और वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

NCRES के महामंत्री आरपी सिंह ने इस घटना को बेहद निंदनीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करते हैं और ड्यूटी के दौरान किसी भी कर्मचारी के साथ हिंसक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि स्टेशन मास्टर रेलवे संचालन व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके साथ मारपीट की घटना न केवल एक कर्मचारी के सम्मान से जुड़ा मामला है, बल्कि रेलवे की कार्य संस्कृति और अनुशासन पर भी सवाल खड़े करती है।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि रेलवे में सभी विभागों के कर्मचारी आपसी समन्वय से काम करते हैं। आरपीएफ और स्टेशन कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है, लेकिन इस तरह की घटना से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।

बैठक में आंदोलन की रणनीति पर भी चर्चा की गई। संघ ने संकेत दिया है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन शुरू किया जा सकता है। इसमें मंडल स्तर से लेकर जोन स्तर तक आंदोलन की योजना बनाई जा सकती है।

इससे पहले ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन भी घटना को लेकर विरोध दर्ज करा चुका है। AISMA ने भी रेलवे प्रशासन से दोषी आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। अब NCRES के जुड़ने से मामला और बड़ा हो गया है।

रेलवे कर्मचारियों के संगठनों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर ऐसी कार्रवाई की जाए जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

वहीं, रेलवे प्रशासन की ओर से मामले को लेकर जांच प्रक्रिया चलने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कर्मचारी द्वारा अनुशासनहीनता या हिंसक व्यवहार को गंभीरता से लिया जाता है और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद आगरा मंडल में कर्मचारियों के बीच नाराजगी का माहौल है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे अपने साथियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए एकजुट हैं। उन्होंने साफ किया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

फिलहाल सभी की नजर रेलवे प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्र में बड़ा कर्मचारी आंदोलन देखने को मिल सकता है।

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