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उत्तर प्रदेश
लखनऊ में TET अभ्यर्थियों का प्रदर्शन बोली सरकार अब तो भर्ती शुरू करो
Ratna Netam
31 Aug 2026 3:48 PM IST

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उत्तर प्रदेश : शिक्षक भर्ती को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे टीईटी पास अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। नियुक्ति की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सोमवार को राजधानी लखनऊ में सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। अभ्यर्थियों का कहना है कि पात्रता परीक्षा पास करने के बावजूद उन्हें रोजगार का इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार से जल्द से जल्द शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। उनका कहना है कि उन्होंने टीईटी परीक्षा पास कर अपनी योग्यता साबित की है, लेकिन लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही है।
नियुक्ति को लेकर बढ़ा आक्रोश
टीईटी पास अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक बनने का सपना लेकर उन्होंने वर्षों तक तैयारी की और परीक्षा पास की। इसके बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने से उनमें निराशा बढ़ रही है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार की ओर से समय-समय पर आश्वासन दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से अब उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई अभ्यर्थियों की उम्र बढ़ती जा रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में जल्द निर्णय लेना जरूरी है।
ब्रजेश पाठक के आवास पर पहुंचे अभ्यर्थी
सोमवार को बड़ी संख्या में टीईटी पास अभ्यर्थी लखनऊ पहुंचे और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की।
प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं और सरकार से केवल अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं।
सरकार से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि टीईटी पास उम्मीदवारों के लिए शिक्षक भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। उनका कहना है कि प्रदेश में शिक्षकों के कई पद खाली हैं, इसके बावजूद भर्ती नहीं निकाली जा रही है।
अभ्यर्थियों का तर्क है कि स्कूलों में शिक्षकों की जरूरत है और योग्य उम्मीदवार उपलब्ध हैं, फिर भी नियुक्ति प्रक्रिया में देरी समझ से परे है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि भर्ती का स्पष्ट कार्यक्रम जारी किया जाए ताकि अभ्यर्थियों को राहत मिल सके।
लंबे समय से चल रहा है संघर्ष
टीईटी पास अभ्यर्थी पिछले कई वर्षों से नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। अलग-अलग समय पर उन्होंने धरना प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि हर बार उन्हें उम्मीद दिलाई जाती है, लेकिन फैसला नहीं हो पाता। अब वे चाहते हैं कि सरकार इस मामले में जल्द अंतिम निर्णय ले।
उनका कहना है कि परीक्षा पास करने के बाद भी बेरोजगारी झेलना उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी है।
शिक्षा व्यवस्था और भर्ती पर उठे सवाल
अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बीच प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर भर्ती जरूरी है।
वहीं, सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग समय पर कदम उठाए जाते रहे हैं। हालांकि अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए।
आंदोलन आगे बढ़ने के संकेत
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने संकेत दिए हैं कि अगर जल्द उनकी मांगों पर फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
उनका कहना है कि वे लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं और अब उनके सब्र की सीमा खत्म हो रही है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए जल्द फैसला लिया जाए।
फिलहाल लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन के बाद शिक्षक भर्ती का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार की ओर से अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर क्या कदम उठाया जाता है।
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