उत्तर प्रदेश

पुलिस चौकी धमाके के बाद आतंकी संगठन का दावा, ATS अलर्ट

Ratna Netam
7 Nov 2026 3:17 PM IST
पुलिस चौकी धमाके के बाद आतंकी संगठन का दावा, ATS अलर्ट
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गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए विस्फोट के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट सामने आई, जिसमें 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' नाम के संगठन ने कथित तौर पर विस्फोट की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। यह पोस्ट 'गाजी 2' नाम के एक्स अकाउंट से साझा की गई है। हालांकि, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक इस दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS), फॉरेंसिक टीम और साइबर एजेंसियां घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।यह घटना शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 की रात करीब 9 बजे इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की वसुंधरा पुलिस चौकी में हुई। अचानक हुए धमाके से चौकी की दो खिड़कियों के शीशे टूट गए और परिसर में नुकसान पहुंचा। घटना के समय चौकी में एक सब-इंस्पेक्टर और सामान पहुंचाने आया एक डिलीवरी कर्मचारी मौजूद था। टूटे हुए शीशे का टुकड़ा लगने से डिलीवरी कर्मचारी घायल हो गया। उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत ठीक बताई गई। पुलिसकर्मियों को कोई चोट नहीं आई।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
विस्फोट के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए कथित जिम्मेदारी वाले संदेश ने जांच को नया आयाम दे दिया है। 'गाजी 2' नाम के अकाउंट से किए गए पोस्ट में दावा किया गया कि 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' इस घटना के पीछे है। इसी अकाउंट से पुलिस चौकी को उड़ाने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई है।पोस्ट और उससे जुड़े वीडियो संदेश में पुलिस को निशाना बनाने का दावा किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सोशल मीडिया अकाउंट कौन संचालित कर रहा है, पोस्ट कहां से अपलोड की गई और कथित संगठन का इस घटना से वास्तव में कोई संबंध है या नहीं।जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि किसी शरारती तत्व ने लोगों में डर फैलाने या जांच को भटकाने के उद्देश्य से फर्जी जिम्मेदारी का दावा किया हो। फिलहाल सोशल मीडिया पोस्ट को किसी संगठन की आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं माना गया है।
ATS और फॉरेंसिक टीम ने संभाली जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश ATS की टीम मौके पर पहुंची। बम निरोधक दस्ते और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने चौकी के आसपास से जरूरी नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए आगरा स्थित फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।इसके साथ ही पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जांचकर्ताओं का उद्देश्य यह पता लगाना है कि विस्फोट किस वस्तु या परिस्थिति के कारण हुआ और घटना से पहले चौकी के आसपास कौन-कौन मौजूद था। साइबर टीम सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट और वीडियो के डिजिटल फुटप्रिंट की भी जांच कर रही है।अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट की वास्तविक वजह और इसमें इस्तेमाल की गई किसी वस्तु की प्रकृति फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
DCP ने बताया- घटनास्थल पर नहीं मिला विस्फोटक पदार्थ
गाजियाबाद के डीसीपी रिजुल कुमार ने शनिवार को बताया कि शुरुआती जांच में घटनास्थल से बारूद, विस्फोटक सामग्री या किसी तरह के रासायनिक अवशेष नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार रात करीब 9 बजे हुए विस्फोट से पुलिस चौकी की दो खिड़कियों के शीशे टूट गए और एक जगह दरार भी आई।डीसीपी के मुताबिक, घटना के समय चौकी में मौजूद डिलीवरी कर्मचारी कांच का टुकड़ा लगने से घायल हुआ था। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अब उसकी हालत पूरी तरह ठीक है। पुलिसकर्मियों को कोई चोट नहीं आई।उन्होंने सोशल मीडिया पर 'तहरीक-ए-मुजाहिदीन' नाम के संगठन की ओर से जिम्मेदारी लेने के दावे पर कहा कि इसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वायरल पोस्ट वास्तविक है या किसी ने जानबूझकर भ्रम और डर फैलाने के लिए इसे साझा किया है।
पहले भी पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की मिली थी चेतावनी
इस घटना को उत्तर प्रदेश में सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने से जुड़े पहले के खुफिया इनपुट के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और शहजाद भट्टी से कथित तौर पर जुड़े एक मॉड्यूल का खुलासा किया था।उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने उस मामले में बताया था कि आरोपी पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। इसी पृष्ठभूमि में वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए विस्फोट की जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है।हालांकि, पिछले मामले और मौजूदा विस्फोट के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
कई सवालों के जवाब फॉरेंसिक रिपोर्ट से मिलेंगे
वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए विस्फोट के बाद जांच एजेंसियों के सामने कई अहम सवाल हैं। सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि धमाका किस वजह से हुआ। दूसरा सवाल सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले अकाउंट की वास्तविक पहचान से जुड़ा है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कथित संगठन का घटना से कोई वास्तविक संबंध है या नहीं।पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों, घटनास्थल से जुटाए गए नमूनों और सोशल मीडिया पोस्ट की तकनीकी जांच के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट की प्रकृति और उसके पीछे की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।फिलहाल इस मामले में किसी आतंकी संगठन की संलिप्तता आधिकारिक तौर पर साबित नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर किया गया जिम्मेदारी का दावा जांच के दायरे में है। ऐसे में एजेंसियां इसे गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में फॉरेंसिक रिपोर्ट और साइबर जांच से इस मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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