उत्तर प्रदेश

UP में आतंकी साजिश नाकाम ATS ने नेटवर्क पर कसा शिकंजा

Ratna Netam
20 Aug 2026 2:59 PM IST
UP में आतंकी साजिश नाकाम ATS ने नेटवर्क पर कसा शिकंजा
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। यूपी एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) ने शहज़ाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ अभियान चलाते हुए बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद 52 संदिग्धों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। इस कार्रवाई को राज्य में आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से कट्टरपंथी गतिविधियों और संदिग्ध नेटवर्क पर नजर बनाए हुए थीं। एटीएस को जांच के दौरान कुछ ऐसे इनपुट मिले थे, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्धों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, फंडिंग और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
एटीएस ने कई स्थानों पर चलाया अभियान
यूपी एटीएस की टीम ने संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों की पहचान के बाद अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने संदिग्धों के ठिकानों पर पहुंचकर पूछताछ और जांच की प्रक्रिया शुरू की।
एटीएस की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों तक पहुंचना था, जिन पर आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने का शक था। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों की भूमिका क्या थी और क्या इनका किसी बड़े नेटवर्क से संबंध है।
शहज़ाद भट्टी नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार, शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को लेकर पहले से सुरक्षा इनपुट मिले थे। इसी आधार पर एटीएस ने नेटवर्क से जुड़े संभावित सदस्यों की गतिविधियों की निगरानी शुरू की।
एजेंसी यह जांच कर रही है कि नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था, इसके संपर्क किन लोगों से थे और क्या किसी तरह की अवैध गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी।
पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्धों से पूछताछ जारी
गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से सुरक्षा एजेंसियां लगातार पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इनमें से कितने लोग सीधे तौर पर किसी आपराधिक या आतंकी गतिविधि में शामिल थे।
एटीएस आमतौर पर ऐसे मामलों में संदिग्धों की डिजिटल गतिविधियों, संपर्कों, आर्थिक लेन-देन और अन्य पहलुओं की जांच करती है। इस मामले में भी कई स्तरों पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
डिजिटल नेटवर्क पर भी नजर
आज के समय में आतंकी और कट्टरपंथी नेटवर्क डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया गतिविधियों, ऑनलाइन संपर्कों और डिजिटल कम्युनिकेशन की भी जांच करती हैं।
एटीएस की टीम इस पहलू पर भी काम कर रही है कि संदिग्धों के बीच किस तरह संपर्क स्थापित किया गया और क्या किसी ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल किया गया था।
यूपी में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक है और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। राज्य में आतंकी गतिविधियों और संगठित अपराध के खिलाफ यूपी एटीएस लगातार अभियान चलाती रही है।
पिछले कुछ वर्षों में एजेंसियों ने कई संदिग्ध नेटवर्क का खुलासा किया है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
जांच एजेंसियों का मानना है कि किसी भी नेटवर्क की पूरी जानकारी हासिल करने के लिए उसके छोटे से छोटे लिंक तक पहुंचना जरूरी होता है। इसलिए गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के जरिए नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
अगर जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
कार्रवाई के बाद बढ़ी निगरानी
इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में एजेंसियां अपनी निगरानी मजबूत कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही हैं।
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