उत्तर प्रदेश

पीलीभीत में छुट्टा पशुओं का आतंक, टक्कर के बाद कार में लगी आग; मची अफरा-तफरी

Kavita2
31 Oct 2026 12:44 PM IST
पीलीभीत में छुट्टा पशुओं का आतंक, टक्कर के बाद कार में लगी आग; मची अफरा-तफरी
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पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में छुट्टा गोवंशीय पशुओं की वजह से सड़क हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। गजरौला क्षेत्र में एक बार फिर सड़क पर घूम रहे गोवंशीय पशु के कारण बड़ा हादसा हो गया। फुलरपुर-पीलीभीत मार्ग पर ग्राम कांच के पास देर रात करीब 12:30 बजे एक रेनॉल्ट ट्राइबर कार सड़क पर अचानक आए छुट्टा गोवंशीय पशु से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही देर बाद कार में आग लग गई और देखते ही देखते वाहन आग की लपटों से घिर गया। हादसे के दौरान चालक ने किसी तरह कार से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार, रेनॉल्ट ट्राइबर कार संख्या UP 37 R 9724 पूरनपुर से कोल्हू की ओर जा रही थी। रात का समय होने के कारण सड़क पर अंधेरा था। इसी दौरान ग्राम कांच के पास अचानक एक छुट्टा गोवंशीय पशु कार के सामने आ गया। चालक को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला और कार सीधे पशु से जा टकराई। हादसे के बाद वाहन अनियंत्रित हो गया और उसमें अचानक आग लग गई।

टक्कर के बाद कार में लगी आग

प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, गोवंशीय पशु से टक्कर के बाद कार में आग लगने से स्थिति बेहद खतरनाक हो गई। चालक ने जब वाहन से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं तो उसने तत्काल बाहर निकलने की कोशिश की। गनीमत रही कि वह किसी तरह कार से बाहर निकलने में सफल रहा। इस तरह उसकी जान बच गई।

कुछ ही देर में आग ने कार को अपनी चपेट में ले लिया। रात के समय सड़क से गुजर रहे लोगों ने जलती हुई कार देखी तो मौके पर रुककर घटना की जानकारी जुटाई। आग की लपटें देखकर आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई। हादसे के कारण कुछ समय तक सड़क से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होने की आशंका रही।

गोवंश से टक्कर बनी हादसे की वजह

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सड़क पर अचानक गोवंशीय पशु के आ जाने से चालक कार पर नियंत्रण नहीं रख सका और यह दुर्घटना हुई। गजरौला क्षेत्र में छुट्टा गोवंशीय पशुओं की मौजूदगी लंबे समय से सड़क सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बनी हुई है।

स्थानीय मार्गों पर कई बार पशुओं के झुंड सड़क पर बैठे या घूमते दिखाई देते हैं। रात में रोशनी कम होने के कारण वाहन चालकों को इन्हें दूर से पहचानने में परेशानी होती है। अचानक सामने आने वाले पशुओं से बचने के प्रयास में कई बार वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी ऐसी स्थिति बेहद जोखिमपूर्ण साबित हो सकती है।

गजरौला क्षेत्र में बढ़ रहा सड़क हादसों का खतरा

गजरौला क्षेत्र की सड़कों पर छुट्टा गोवंशीय पशुओं की भरमार के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। खासकर रात के समय वाहन चालकों को अधिक सतर्क रहना पड़ता है। फुलरपुर-पीलीभीत मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही होती है और इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को सड़क पर घूमते पशुओं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे और मुख्य मार्गों पर गोवंशीय पशुओं के घूमने से यातायात प्रभावित होता है। कई बार चालक अचानक सामने आए पशुओं को देखकर वाहन मोड़ने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति बन जाती है। ऐसे में पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने और सड़कों से हटाने की व्यवस्था करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

गोवंशीय पशुओं के प्रबंधन पर उठ रहे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर छुट्टा पशुओं के प्रबंधन को लेकर जिम्मेदार विभागों की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले गोवंशीय पशु वाहन चालकों के साथ-साथ खुद पशुओं के लिए भी खतरा बने हुए हैं।

सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी है कि छुट्टा पशुओं को सुरक्षित गोशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही प्रमुख मार्गों पर निगरानी, रात के समय पर्याप्त रोशनी और वाहन चालकों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक करना भी महत्वपूर्ण है।

विशेषकर ऐसे मार्गों पर जहां पशुओं की आवाजाही अधिक रहती है, वहां चेतावनी संकेतक और गति नियंत्रित रखने के उपाय किए जाने चाहिए। इससे अचानक सड़क पर पशु आने की स्थिति में दुर्घटना की आशंका कम की जा सकती है।

बाल-बाल बचा कार चालक

इस पूरी घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि कार चालक समय रहते वाहन से बाहर निकलने में सफल रहा। टक्कर के बाद कार में आग लगने से जान का खतरा बढ़ गया था। यदि चालक समय रहते बाहर नहीं निकल पाता तो परिणाम गंभीर हो सकते थे।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में चालक की चोटों, गोवंशीय पशु की स्थिति और आग लगने के तकनीकी कारणों के बारे में विस्तृत पुष्टि नहीं हुई है। कार में आग टक्कर के बाद किस वजह से लगी, इसकी जानकारी भी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

गजरौला क्षेत्र में हुई यह घटना छुट्टा गोवंशीय पशुओं के कारण सड़कों पर बने जोखिम को एक बार फिर सामने लाती है। स्थानीय लोगों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सड़कों पर घूम रहे पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

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