उत्तर प्रदेश

स्वर्ण शताब्दी 7.5 घंटे लेट, यात्रियों को न खाना मिला न पानी

Saba Naaz
22 July 2026 8:01 PM IST
स्वर्ण शताब्दी 7.5 घंटे लेट, यात्रियों को न खाना मिला न पानी
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गाजियाबाद-नई दिल्ली रेल मार्ग: मालगाड़ी के पटरी से उतरने के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। इस हादसे के चलते करीब 125 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। कई ट्रेनें घंटों देरी से चलीं, वहीं कानपुर से चलने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस भी इस अव्यवस्था का शिकार हुई। ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब साढ़े सात घंटे की देरी से गाजियाबाद पहुंची। यात्रियों का आरोप है कि लंबी देरी के बावजूद रेलवे की ओर से उन्हें न तो खाने की सुविधा दी गई और न ही पीने का पानी उपलब्ध कराया गया।

जानकारी के अनुसार, साहिबाबाद रेलवे स्टेशन से करीब एक किलोमीटर दूर दिल्ली की दिशा में एक मालगाड़ी के छह डिब्बे पटरी से उतर गए थे। घटना के बाद इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। कई ट्रेनों को रोकना पड़ा, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया। इसका सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ा, जो लंबी दूरी की यात्रा कर रहे थे।

कानपुर से गाजियाबाद आने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस को भी इस रूट बाधित होने का खामियाजा भुगतना पड़ा। यह ट्रेन सामान्य तौर पर सुबह 10 बजकर 33 मिनट पर गाजियाबाद पहुंचती है, लेकिन बुधवार को यह शाम करीब 5 बजकर 55 मिनट पर स्टेशन पहुंची। यात्रियों ने बताया कि इतनी लंबी देरी के दौरान उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

यात्रियों का कहना है कि ट्रेन के अंदर बच्चे, बुजुर्ग और अन्य यात्री भूख-प्यास से परेशान रहे। कई यात्रियों ने बताया कि सफर के दौरान बच्चों के लिए पानी और खाने की समस्या सबसे बड़ी परेशानी बनी रही। रेलवे की ओर से ट्रेन के लेट होने की सही जानकारी भी यात्रियों को समय पर नहीं दी गई। इसके अलावा देरी के दौरान किसी तरह की अतिरिक्त सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई गई।

यात्रियों ने आरोप लगाया कि इतनी लंबी देरी के बाद रेलवे को यात्रियों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कई यात्री मजबूरी में बीच रास्ते के स्टेशनों पर उतर गए और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे साधनों का सहारा लिया।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरने के बाद ट्रैक को सामान्य करने में समय लगा, जिसके कारण बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। रेलवे की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बहाली का काम शुरू किया। ट्रैक साफ होने के बाद धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन सामान्य किया गया।

हालांकि, इस घटना ने रेलवे की यात्री सुविधाओं और आपात स्थिति में यात्रियों को मिलने वाली सहायता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन लेट होना एक तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन लंबी देरी के दौरान मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी है।

रेलवे प्रशासन की ओर से फिलहाल ट्रेनों के संचालन को सामान्य करने का प्रयास जारी है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति और रूट से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लें, ताकि किसी भी परेशानी से बचा जा सके। वहीं, यात्री इस घटना के बाद रेलवे से बेहतर सूचना प्रणाली और आपात स्थिति में खाने-पानी जैसी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।

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