उत्तर प्रदेश

Meerut रेंज में बदमाशों की निगरानी बढ़ी, सैकड़ों अपराधियों पर कार्रवाई

Ratna Netam
11 July 2026 7:26 PM IST
Meerut  रेंज में बदमाशों की निगरानी बढ़ी, सैकड़ों अपराधियों पर कार्रवाई
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Meerut मेरठ : अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण और सक्रिय बदमाशों की निगरानी मजबूत करने के उद्देश्य से मेरठ रेंज में चलाए जा रहे ऑपरेशन हिस्ट्रीशीटर के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अभियान के दौरान रेंज के चारों जिलों मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ में जून माह में कुल 6846 हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का सत्यापन किया गया। इस दौरान पुलिस ने 67 नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली, जबकि पांच हिस्ट्रीशीटरों की मृत्यु के बाद उनके एचएस खाके नष्ट कराए गए।

मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी के निर्देशन में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना और सक्रिय बदमाशों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई करना है। पुलिस ने सभी हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का डाटा यक्ष ऐप पर शत प्रतिशत फीड कर दिया है। अब हिस्ट्रीशीटरों का नियमित सत्यापन सब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों द्वारा कराया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल निगरानी व्यवस्था से अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों, आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को अपडेट रखने में मदद मिलेगी। इससे पुलिस को अपराध नियंत्रण में तेजी और प्रभावी कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी।

मेरठ में 13 नई हिस्ट्रीशीट खोली गईं

मेरठ जनपद में जून माह के दौरान 13 नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। यहां 268 हिस्ट्रीशीटर अपराधी जेल में निरुद्ध हैं, जबकि 2584 अपराधियों का डाटा यक्ष ऐप पर दर्ज किया जा चुका है। पुलिस लगातार इन अपराधियों की गतिविधियों की निगरानी कर रही है।

बुलंदशहर में सबसे अधिक 45 हिस्ट्रीशीट

बुलंदशहर जनपद में अभियान के दौरान सबसे अधिक कार्रवाई हुई। यहां 45 नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। पुलिस के अनुसार, जिले में 220 हिस्ट्रीशीटर अपराधी जेल में बंद हैं और 2314 अपराधियों का डाटा यक्ष ऐप पर अपलोड किया गया है।

बागपत और हापुड़ में भी हुई कार्रवाई

बागपत जिले में जून माह के दौरान आठ नई हिस्ट्रीशीट खोली गईं। यहां 184 हिस्ट्रीशीटर अपराधी जेल में निरुद्ध हैं और 1066 अपराधियों की जानकारी यक्ष ऐप पर दर्ज की गई है।वहीं, हापुड़ जिले में एक अपराधी की हिस्ट्रीशीट खोली गई। यहां 101 हिस्ट्रीशीटर अपराधी जेल में हैं और 882 अपराधियों का डाटा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज किया गया है।

डीआईजी कलानिधि नैथानी ने रेंज के सभी जनपद प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का नियमित सत्यापन कराया जाए और जो बदमाश वर्तमान में सक्रिय हैं, उनके खिलाफ सख्त निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में अपर पुलिस अधीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया जाए। जिन अपराधियों के खिलाफ 10 या उससे अधिक मुकदमे दर्ज हैं, उनकी गतिविधियों के आधार पर हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्रवाई की जाए। साथ ही सात या उससे अधिक मुकदमों वाले अपराधियों को चिन्हित कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।

डीआईजी ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि हिस्ट्रीशीटरों के रिकॉर्ड की नियमित समीक्षा की जाए। अपराधियों की व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पहचान चिन्ह, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, नवीनतम फोटो, पहचान पत्र और आपराधिक इतिहास को समय-समय पर अपडेट किया जाए।पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन हिस्ट्रीशीटर के जरिए अपराधियों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में अपराध की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

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