उत्तर प्रदेश

सुलतानपुर: राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में गवाह की पूछताछ पूरी

SHIDDHANT
6 Jan 2026 11:03 PM IST
सुलतानपुर: राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में गवाह की पूछताछ पूरी
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Sultanpur सुलतानपुर: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मानहानि मामले की सुनवाई मंगलवार को सुलतानपुर की MP–MLA कोर्ट में हुई। इस दौरान मामले में गवाह राम चंद्र दुबे की पूछताछ (क्रॉस-एग्ज़ामिनेशन) पूरी की गई। मामले के शिकायतकर्ता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडे ने बताया, “राहुल गांधी का मामला आज सम्माननीय MP–MLA कोर्ट में सूचीबद्ध था। हमारे पक्ष का गवाह राम चंद्र दुबे पेश हुआ और उसकी पूछताछ प्रतिवादी पक्ष के वकील द्वारा की गई। क्रॉस-एग्ज़ामिनेशन आज पूरी हो गई है। अगली सुनवाई 19 जनवरी 2026 को तय की गई है।”
इस मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, विजय मिश्रा ने राहुल गांधी पर कथित मानहानि का आरोप लगाया था। मामला तब सुर्खियों में आया जब शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कुछ बयान उनकी प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों को पर्याप्त समय दिया ताकि गवाहों से पूरी जानकारी ली जा सके और तथ्यों की जांच की जा सके। अधिवक्ता संतोष कुमार पांडे ने बताया कि गवाह राम चंद्र दुबे ने पूरी तरह से अपने बयान और तथ्यों की पुष्टि की, जिससे मामले की गंभीरता अदालत के सामने स्पष्ट हुई। मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी, जिसमें अदालत मामले के आगे के सबूत और दलीलों पर विचार करेगी। इस सुनवाई में संभव है कि दोनों पक्ष नए दस्तावेज़ पेश करें और किसी अन्य गवाह की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
वकीलों का मानना है कि इस मामले की सुनवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है। अदालत ने गवाह के बयान और दस्तावेजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा है ताकि आगामी सुनवाई में इन्हें उपयोग किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, मानहानि के ऐसे मामले भारतीय न्याय व्यवस्था में गंभीर माने जाते हैं और अदालत दोनों पक्षों के तर्कों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय देती है। इस मामले में भी गवाहों और दस्तावेजों की जांच से अदालत को पूरी तस्वीर मिल सकेगी, जिससे सही न्याय
सुनिश्चित
होगा।
राहुल गांधी की ओर से भी कानूनी टीम ने मामले में अपना पक्ष रखा और क्रॉस-एग्ज़ामिनेशन के दौरान सवालों के माध्यम से गवाह की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। अब अदालत अगले चरण में दलीलों और अतिरिक्त सबूतों के आधार पर निर्णय लेने के लिए तैयार है।
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