उत्तर प्रदेश

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के घर अचानक पुलिस की दबिश, पूछताछ जारी

Shantanu Roy
21 Aug 2021 5:03 AM GMT
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के घर अचानक पुलिस की दबिश, पूछताछ जारी
x

लखनऊ:- सुप्रीम कोर्ट के बाहर रेप पीड़िता और उसके सहयोगी के आत्मदाह की कोशिश के बाद पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर लगे आरोपों को लेकर लखनऊ पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। वहीं, अमिताभ ठाकुर ने पुलिस पर गैरकानूनी हिरासत का आरोप लगाया है। हाल ही में अमिताभ ठाकुर ने सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

दरअसल योगी सरकार के मामले में जांच के आदेश देने के बाद से पुलिस ऐक्शन में है। रेप पीड़िता और उसके सहयोगी ने आत्मदाह से पहले अमिताभ ठाकुर पर घोसी सांसद अतुल राय का साथ देने का आरोप लगाया था। अमिताभ ठाकुर ने अपने ट्विटर हैंडल से जानकारी देते हुए लिखा, '4/6 रेल विहार कॉलोनी, गोमतीनगर में पुलिस घेरे में हूं। यह चिट्ठी दी पर सीओ ने जाने से मना कर दिया है। आगे की बात बताऊंगा। अरेस्ट संभव है। दूसरे पक्ष में डर बहुत ज्यादा है। जाने देने से बहुत डर रहे हैं।'
अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया कि उन्हें जनसंपर्क के लिए गोरखपुर जाना था लेकिन गोमतीनगर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। सीओ को दिए अपने पत्र में अमिताभ ठाकुर ने लिखा, 'आपने बताया गोरखपुर में खतरा है। यदि ऐसा है तो सुरक्षा सुनिश्चित करें। नहीं जाने की कोई कानूनी वजह हो तो पालन करूंगा तत्काल। अन्यथा कार्यक्रम तय है। यदि रोका जा रहा है तो यह गैरकानूनी डिटेंशन हो रहा है।' पुलिस ने कहा, 'उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। केवल उन्हें गोरखपुर जाने से रोका गया है। वहां उनके जाने से कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है।'
आत्मदाह से पहले दोनों पीड़ितों ने अमिताभ ठाकुर पर डॉन मुख्तार अंसारी और बलात्कार के आरोपी सांसद अतुल राय के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया था। 16 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के सामने बीएसपी के घोषी सीट से सांसद अतुल राय पर रेप का आरोप लगाने वाली युवती और उसके साथी ने आत्मदाह की कोशिश की थी।
इस मामले में वाराणसी के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। यूपी के बलिया की रहने वाली युवती ने 2019 में बसपा सांसद अतुल राय पर बलात्कार का आरोप लगाते हुए वाराणसी के लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता का आरोप था कि अतुल राय ने अपने लंका स्थित फ्लैट पर उससे बलात्कार किया और उसका वीडियो भी बना लिया। इस मामले में सांसद अतुल राय जेल में बंद हैं।
वहीं, सांसद के भाई पवन कुमार सिंह ने मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट की अदालत में युवती और उसके साथी के खिलाफ गिरोह बनाकर हनी ट्रैप और जालसाजी करने की शिकायत की थी। पवन का आरोप था कि दोनों मिलकर राजनीति से जुड़े लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं और पैसों की वसूली करते हैं। अदालत ने कैंट पुलिस को युवती और उसके सहयोगी पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का निर्देश दिया।
निर्देश के मुताबिक इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए दबिश देनी शुरू की लेकिन दोनों फरार हो गए थे। गिरफ्तारी न हो पाने पर अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया।
आत्मदाह के पहले पीड़िता और उसके साथी ने फेसबुक लाइव पर आकर अमिताभ ठाकुर, वाराणसी के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक, कोतवाल राकेश सिंह, विवेचक गिरिजा शंकर समेत कई अधिकारियों पर आरोप लगाया था। पीड़िता का आरोप था कि जब मामला कोर्ट में विचाराधीन था, तब अमिताभ ठाकुर ने हस्तक्षेप कर अतुल राय का समर्थन किया था।




Next Story