- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- हाईकोर्ट से लौटते...

एटा। उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में तैनात एक उपनिरीक्षक की रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में मौत हो गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट से शपथ पत्र दाखिल कर लौट रहे उपनिरीक्षक सुवेंद्र सिंह शनिवार देर रात परीक्षा स्पेशल ट्रेन से उतरते समय गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल उपचार के लिए आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए आगरा रेफर कर दिया, लेकिन आगरा ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को उनके पैतृक गांव नगला चरी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
हाईकोर्ट से शपथ पत्र दाखिल कर लौट रहे थे सुवेंद्र सिंह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुवेंद्र सिंह थाना क्षेत्र के ग्राम नगला चरी के निवासी थे। वह उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात थे और वर्तमान में एटा जनपद में अपनी सेवाएं दे रहे थे। विभागीय कार्य के सिलसिले में उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट जाना पड़ा था।
बताया गया कि 30 अक्टूबर को वह हाईकोर्ट में प्रति-शपथ पत्र दाखिल करने के लिए प्रयागराज गए थे। वहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वह परीक्षा स्पेशल ट्रेन संख्या 01992 से वापस लौट रहे थे। यात्रा के दौरान उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि घर वापसी का यह सफर उनके जीवन का आखिरी सफर साबित होगा।
रात 12:30 बजे ट्रेन से उतरते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे परीक्षा स्पेशल ट्रेन रेलवे स्टेशन के पास पहुंची। इसी दौरान सुवेंद्र सिंह ट्रेन से उतरने का प्रयास कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उतरते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
अचानक हुए हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों और अन्य यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घायल उपनिरीक्षक को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। गंभीर चोटें आने के कारण उन्हें जल्द ही अस्पताल पहुंचाया गया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ट्रेन उस समय पूरी तरह रुक चुकी थी या चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में हादसा हुआ। दुर्घटना की सटीक परिस्थितियों की जानकारी संबंधित रेलवे और पुलिस जांच से ही सामने आ सकेगी।
सैफई ट्रॉमा सेंटर में कराया गया भर्ती
हादसे में गंभीर रूप से घायल सुवेंद्र सिंह को उपचार के लिए आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए आगरा ले जाने की सलाह दी गई।
परिजन और सहयोगी उन्हें लेकर आगरा के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत बिगड़ गई। आगरा पहुंचने से पहले ही सुवेंद्र सिंह ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
सुवेंद्र सिंह के निधन की जानकारी मिलने के बाद उनके पैतृक गांव नगला चरी में शोक का माहौल छा गया। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के लोग बड़ी संख्या में उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
पुलिस विभाग की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
एक पुलिसकर्मी के रूप में सुवेंद्र सिंह अपनी सेवाएं दे रहे थे। विभागीय कामकाज के सिलसिले में हाईकोर्ट जाना और वहां से लौटते समय इस तरह हादसे का शिकार होना परिवार के लिए बेहद दुखद है।
पुलिस विभाग में शोक की लहर
सुवेंद्र सिंह की मौत की खबर से एटा पुलिस विभाग और उनके परिचितों में शोक व्याप्त है। साथी पुलिसकर्मियों ने उनके निधन को विभाग के लिए दुखद क्षति बताया। जिस अधिकारी ने अपनी ड्यूटी निभाने के लिए प्रयागराज की यात्रा की थी, वह वापस अपने परिवार के पास नहीं लौट सके।
इस घटना ने रेल यात्रा के दौरान सुरक्षित तरीके से चढ़ने और उतरने की आवश्यकता को भी सामने रखा है। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को ट्रेन पूरी तरह रुकने के बाद ही उतरना चाहिए। चलती ट्रेन से उतरने या चढ़ने की कोशिश गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
रेलवे यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। खासतौर पर रात के समय प्लेटफॉर्म पर उतरते समय यात्रियों को जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और निर्धारित द्वार का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
फिलहाल उपनिरीक्षक सुवेंद्र सिंह की मौत से उनका परिवार और पुलिस महकमा सदमे में है। हाईकोर्ट से लौटते समय हुआ यह हादसा उनके परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बन गया। नगला चरी में राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई के दौरान लोगों ने उन्हें नम आंखों से याद किया।





