उत्तर प्रदेश

बरेली कॉलेज में छात्र सभा ने उठाईं समस्याएं, शुल्क समेत चार बिंदुओं पर रखी मांग

Kavita2
20 Aug 2026 2:36 PM IST
बरेली कॉलेज में छात्र सभा ने उठाईं समस्याएं, शुल्क समेत चार बिंदुओं पर रखी मांग
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बरेली। बरेली कॉलेज में बुधवार को हुए प्रदर्शन के बाद गुरुवार को समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे और प्राचार्य की ओर से दिए गए समस्याओं के समाधान के आश्वासन पर जवाब मांगा। बुधवार के प्रदर्शन के दौरान कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्रों को एक दिन में उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया था। इसी के क्रम में छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कॉलेज पहुंचकर प्रशासन के सामने अपनी मांगों को दोबारा रखा।

कॉलेज पहुंचने के बाद छात्र सभा के कार्यकर्ताओं की सबसे पहले सेमिनार हॉल में उप प्राचार्य प्रो. वंदना शर्मा के साथ वार्ता हुई। बातचीत के दौरान छात्रों ने कॉलेज में विद्यार्थियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और अपनी मांगों को विस्तार से रखा। चर्चा के बाद छात्रों की समस्याओं और मांगों को चार प्रमुख बिंदुओं में तैयार किया गया, ताकि कॉलेज प्रशासन के सामने उन्हें स्पष्ट रूप से रखा जा सके।

छात्रों का कहना था कि बुधवार को प्रदर्शन के दौरान कॉलेज प्रशासन ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। इसलिए वे गुरुवार को यह जानने के लिए पहुंचे कि प्रशासन ने उनकी मांगों पर क्या कार्रवाई शुरू की है। छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

उप प्राचार्य के साथ हुई बातचीत में छात्रों ने अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा। छात्रों का कहना था कि कॉलेज में विद्यार्थियों से विभिन्न मदों में लिए जा रहे शुल्क और सुविधाओं को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए। इसी दौरान टैक्स के नाम पर विद्यार्थियों से लिए जा रहे 200 रुपये के शुल्क का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

बातचीत के बाद छात्र सभा के कार्यकर्ता प्राचार्य कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी मांगों को विस्तार से रखा और कॉलेज प्रशासन से इस संबंध में स्पष्ट जवाब मांगा। छात्रों ने कहा कि यदि विद्यार्थियों से टैक्स के नाम पर 200 रुपये शुल्क लिया जा रहा है, तो इस व्यवस्था को लेकर समानता और पारदर्शिता का पालन किया जाना चाहिए।

छात्रों ने तर्क दिया कि यदि विद्यार्थियों पर किसी प्रकार का टैक्स या शुल्क लगाया जा रहा है तो शिक्षकों से भी शुल्क लिए जाने का प्रस्ताव रखा जाना चाहिए। छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन से इस विषय में स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। उनका कहना था कि विद्यार्थियों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने से पहले उसके कारण और उपयोग की जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए।

छात्र नेताओं ने कहा कि कॉलेज में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थी अलग-अलग आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं। ऐसे में छोटे-छोटे शुल्क भी कई विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त बोझ बन सकते हैं। इसलिए कॉलेज प्रशासन को शुल्क से संबंधित किसी भी निर्णय को लागू करने से पहले छात्रों की समस्याओं और उनकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।

छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य कार्यालय में अपनी अन्य मांगों को भी रखा। उनका कहना था कि कॉलेज प्रशासन को छात्रों की समस्याओं पर नियमित रूप से संवाद करना चाहिए, ताकि छोटी-छोटी समस्याएं प्रदर्शन या विवाद का रूप न लें। विद्यार्थियों की शिकायतों को सुनने और उनका समाधान करने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाए जाने की भी मांग की गई।

बुधवार को हुए प्रदर्शन के बाद गुरुवार की वार्ता को छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच संवाद की अगली कड़ी के रूप में देखा गया। छात्रों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कॉलेज प्रशासन को पर्याप्त अवसर देना चाहते हैं, लेकिन यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य कॉलेज में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाना और विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराना है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि छात्रों की शिकायतों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाए। छात्र नेताओं के अनुसार, विद्यार्थियों की समस्याओं को लंबे समय तक लंबित रखने से असंतोष बढ़ता है।

चार बिंदुओं पर तैयार की गई मांगों को लेकर छात्र सभा ने कॉलेज प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की। छात्रों का कहना था कि बुधवार को एक दिन में समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था, इसलिए गुरुवार को वे जवाब लेने पहुंचे हैं। उन्होंने प्रशासन से कहा कि जिन मांगों पर कार्रवाई संभव है, उन्हें तत्काल लागू किया जाए और जिन मामलों में प्रक्रिया की आवश्यकता है, उसकी स्पष्ट जानकारी छात्रों को दी जाए।

प्राचार्य कार्यालय में हुई बातचीत के दौरान छात्रों ने शुल्क व्यवस्था को लेकर विशेष रूप से अपनी आपत्ति दर्ज कराई। 200 रुपये के शुल्क को लेकर छात्रों का कहना था कि इसके संबंध में कॉलेज प्रशासन को विद्यार्थियों को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि यह शुल्क अनिवार्य है तो इसके नियम और उद्देश्य क्या हैं तथा इससे प्राप्त राशि का इस्तेमाल किस मद में किया जाता है।

कॉलेज प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद अब छात्रों की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर हैं। छात्र सभा ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होती है तो विवाद का समाधान बातचीत के जरिए किया जा सकता है। वहीं, यदि समस्याएं जस की तस रहती हैं तो छात्र संगठन आगे की रणनीति तय कर सकते हैं।

बरेली कॉलेज में लगातार दूसरे दिन छात्रों की सक्रियता से यह मुद्दा चर्चा में बना हुआ है। बुधवार के प्रदर्शन के बाद गुरुवार को हुई वार्ता में चार प्रमुख बिंदुओं पर मांग तैयार होना इस बात का संकेत है कि छात्र अब अपनी शिकायतों को व्यवस्थित तरीके से कॉलेज प्रशासन के सामने रखना चाहते हैं। फिलहाल कॉलेज प्रशासन की ओर से इन मांगों पर अंतिम निर्णय या विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

छात्र सभा का कहना है कि वह विद्यार्थियों के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी। अब देखना होगा कि कॉलेज प्रशासन छात्रों द्वारा उठाए गए शुल्क और अन्य समस्याओं पर क्या निर्णय लेता है और बुधवार को दिए गए समाधान के आश्वासन को किस तरह अमल में लाया जाता है।

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