उत्तर प्रदेश

छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा मांग पत्र

Kavita2
21 Sept 2026 4:45 PM IST
छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा मांग पत्र
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वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्रों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों को लेकर सोमवार को छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्यों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रहित से जुड़े विषयों को लेकर एक पत्र सौंपा और मांग की कि एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में इन मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा कर समाधान के लिए आवश्यक निर्णय लिए जाएं।

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में कई ऐसे विषय हैं, जिनका लंबे समय से समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि विद्यार्थियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

छात्रसंघ बहाली की मांग प्रमुख

छात्र प्रतिनिधिमंडल ने अपने पत्र में सबसे प्रमुख मांग छात्रसंघ की बहाली और लोकतांत्रिक छात्र प्रतिनिधित्व व्यवस्था को फिर से स्थापित करने की रखी।

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी तरीके से प्रशासन तक पहुंचाने के लिए एक मजबूत छात्र प्रतिनिधित्व व्यवस्था जरूरी है। उनके अनुसार, छात्रसंघ के माध्यम से विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक और अन्य समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रख सकते हैं।

उन्होंने मांग की कि बीएचयू में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की दिशा में विश्वविद्यालय प्रशासन ठोस पहल करे।

प्रशासन के सामने रखे गए अन्य मुद्दे

छात्रों ने अपने पत्र के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कई अन्य छात्रहित से जुड़े विषय भी रखे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर समयबद्ध तरीके से निर्णय लेने की जरूरत है।

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में शामिल है और यहां ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें विद्यार्थियों की भागीदारी और उनकी आवाज को उचित स्थान मिले।

एग्जीक्यूटिव काउंसिल बैठक में चर्चा की मांग

छात्र प्रतिनिधिमंडल ने एग्जीक्यूटिव काउंसिल सदस्यों से आग्रह किया कि बैठक में इन सभी मुद्दों को एजेंडे में शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं पर केवल चर्चा ही नहीं, बल्कि समाधान की दिशा में निर्णय भी लिए जाने चाहिए। छात्रों ने उम्मीद जताई कि परिषद उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाएगी।

लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर छात्रों की चिंता

छात्रों ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। उनका मानना है कि छात्र प्रतिनिधित्व की व्यवस्था से विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच संवाद बेहतर होता है।

उन्होंने कहा कि छात्रसंघ केवल चुनाव तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह विद्यार्थियों की समस्याओं और सुझावों को संस्थागत मंच प्रदान करता है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के रुख पर नजर

छात्रों की ओर से मांग पत्र सौंपे जाने के बाद अब सभी की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन और एग्जीक्यूटिव काउंसिल के निर्णय पर है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बैठक में इन मुद्दों पर क्या चर्चा होती है और छात्रों की मांगों को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

बीएचयू में छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर यह पहल ऐसे समय में हुई है, जब देश के बड़े विश्वविद्यालयों में छात्र भागीदारी और प्रतिनिधित्व को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। छात्रों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

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