उत्तर प्रदेश

नवोदय विद्यालय में हंगामा मामले में सख्ती, 14 जब्त मोबाइल की जांच के बाद छात्रों पर होगी कार्रवाई

Kavita2
4 Aug 2026 6:01 PM IST
नवोदय विद्यालय में हंगामा मामले में सख्ती, 14 जब्त मोबाइल की जांच के बाद छात्रों पर होगी कार्रवाई
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बीसलपुर : नवोदय विद्यालय में छात्रों द्वारा किए गए हंगामे के मामले में विद्यालय प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। मामले की जांच के लिए पहले ही प्राचार्य प्रतिभा चौधरी की ओर से दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की जा चुकी है। अब छात्रों से जब्त किए गए 14 मोबाइल फोन जांच कमेटी को सौंपे जाएंगे, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जा सके।

जानकारी के अनुसार, विद्यालय परिसर में छात्रों द्वारा किए गए हंगामे के बाद प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए जांच शुरू कर दी है। जांच कमेटी को पूरे मामले की समीक्षा करने और घटना में शामिल छात्रों की भूमिका स्पष्ट करने की जिम्मेदारी दी गई है।

विद्यालय प्रशासन के अनुसार, छात्रों से बरामद किए गए मोबाइल फोन जांच प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। इन मोबाइल फोन में मौजूद रिकॉर्ड, वीडियो, संदेश या अन्य सामग्री के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि हंगामे की शुरुआत कैसे हुई और इसमें किन-किन छात्रों की भूमिका रही।

प्राचार्य प्रतिभा चौधरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी का गठन किया था। दो सदस्यीय कमेटी छात्रों और संबंधित कर्मचारियों से बातचीत कर घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

विद्यालय प्रशासन का कहना है कि नवोदय विद्यालयों में अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी वजह से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बताया जा रहा है कि विद्यालय में मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी जांच का एक अहम विषय है। आवासीय विद्यालय होने के कारण छात्रों के लिए तय नियमों के अनुसार मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध या सीमाएं लागू होती हैं। ऐसे में जब्त किए गए मोबाइल फोन से यह भी पता लगाया जाएगा कि छात्र नियमों का उल्लंघन कर रहे थे या नहीं।

जांच कमेटी अब जल्द ही अपनी रिपोर्ट तैयार कर सकती है। रिपोर्ट में छात्रों के व्यवहार, घटना की परिस्थितियों और अनुशासन संबंधी उल्लंघनों का उल्लेख किया जाएगा। इसके बाद विद्यालय प्रशासन यह निर्णय लेगा कि छात्रों के खिलाफ किस स्तर की कार्रवाई की जाए।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आवासीय विद्यालयों में अनुशासन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यहां छात्र लंबे समय तक परिसर में रहते हैं। ऐसे संस्थानों में नियमों का पालन छात्रों के शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास के लिए जरूरी माना जाता है।

विद्यालय प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों को भी संदेश दिया है कि अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत और निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।

घटना के बाद विद्यालय में माहौल सामान्य करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। शिक्षकों और कर्मचारियों को छात्रों पर नजर रखने और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि छात्रों को अनुशासन और जिम्मेदारी का महत्व समझाना भी है। हालांकि, यदि जांच में किसी छात्र की गंभीर भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

फिलहाल जांच कमेटी 14 मोबाइल फोन समेत अन्य साक्ष्यों की समीक्षा करेगी। इसके बाद छात्रों की भूमिका और घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। विद्यालय प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नवोदय विद्यालय प्रशासन की इस कार्रवाई को परिसर में अनुशासन व्यवस्था मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजर जांच कमेटी की रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।

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