उत्तर प्रदेश

यूपी राज्यसभा चुनाव से पहले सुभासपा के दो विधायक सपा के साथ, राजभर के दावे से बढ़ी हलचल

jantaserishta.com
2 Oct 2026 5:03 PM IST
यूपी राज्यसभा चुनाव से पहले सुभासपा के दो विधायक सपा के साथ, राजभर के दावे से बढ़ी हलचल
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव से पहले ही सहयोगी दलों के विधायकों के रुख को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सुभासपा अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि उनकी पार्टी के विधायक अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे।
राजभर के मुताबिक, दोनों विधायक सुभासपा के चुनाव चिह्न पर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि समाजवादी पार्टी से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि दोनों शुरू से ही सपा के साथ रहे हैं और इसी वजह से उनके सपा के पक्ष में मतदान करने की संभावना है। हालांकि, मतदान से पहले विधायकों का अंतिम वोट किसे जाता है, यह मतदान के समय ही स्पष्ट होगा।
2022 में सपा-सुभासपा गठबंधन के तहत लड़ा था चुनाव
ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में सुभासपा और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन था। उनके मुताबिक, सपा की ओर से सुभासपा को 12 उम्मीदवार दिए गए थे और कुछ ऐसे उम्मीदवार भी थे, जिन्होंने सुभासपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था।
अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय भी इसी व्यवस्था के तहत विधानसभा पहुंचे थे। मौजूदा राजनीतिक स्थिति में दोनों विधायकों के रुख को लेकर चर्चा इसलिए बढ़ गई है क्योंकि सुभासपा अब एनडीए का हिस्सा है, जबकि राज्यसभा चुनाव में सपा को उनके समर्थन की बात कही जा रही है।
अब्बास अंसारी की सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से हाल में हुई मुलाकात के बाद भी उनके राजनीतिक रुख को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं।
सपा ने रामगोपाल यादव एंव धनराज नथवानी को उतारा
राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने प्रोफेसर रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। दोनों ने 30 सितंबर को लखनऊ में नामांकन दाखिल किया था। सपा की ओर से तीसरा उम्मीदवार उतारने की संभावना की भी चर्चा है। पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने तीसरे उम्मीदवार की घोषणा किए जाने की बात कही है। हालांकि, तीसरे उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए जरूरी अतिरिक्त समर्थन जुटाना सपा के लिए अहम होगा। वहीं, बीजेपी ने खबर लिखे जाने तक अपने सभी उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की थी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा प्रभावी संख्या 397 विधायक है। राज्यसभा चुनाव की मौजूदा गणना के अनुसार एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 प्रथम वरीयता वोट की जरूरत है। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर बीजेपी नेतृत्व वाला गठबंधन सात सीटों के लिए पर्याप्त संख्या रखता है, जबकि कांग्रेस के समर्थन के साथ सपा दो सीटों के लिए आवश्यक संख्या जुटा सकती है। ऐसे में 10वीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन और संभावित क्रॉस-वोटिंग महत्वपूर्ण हो सकती है।
इसी गणित के बीच सुभासपा के विधायकों के रुख पर भी नजर बनी हुई है। ओमप्रकाश राजभर के बयान ने इस चुनाव में सहयोगी दलों के विधायकों की भूमिका को लेकर चर्चा और बढ़ा दी है।
16 अक्टूबर को होगा मतदान
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान के बाद उसी दिन मतगणना भी होगी।
फिलहाल चुनाव में उम्मीदवारों की संख्या, सपा के संभावित तीसरे प्रत्याशी और अलग-अलग दलों के विधायकों के रुख पर सबकी नजर है। ओमप्रकाश राजभर के दो विधायकों को लेकर दिए गए बयान के बाद राज्यसभा चुनाव का वोटों का गणित और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
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