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STF ने नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, हिमांशु अग्रवाल गिरफ्तार

UP उत्तर प्रदेश : स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा की हे-मां मेडिको एजेंसी के मालिक हिमांशु अग्रवाल को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में एसटीएफ ने एक करोड़ रुपए नकद, 500-500 रुपए की 200 गड्डियां और भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद की हैं। एसटीएफ ने बताया कि हिमांशु अग्रवाल पिछले 20 वर्षों से नकली दवाओं के कारोबार में सक्रिय था। शुरुआत में एक छोटी दुकान से शुरू हुआ यह कारोबार धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश और 12 अन्य राज्यों तक फैल गया। उसकी हे-मां मेडिको एजेंसी नकली दवाओं की सप्लाई का बड़ा केंद्र थी।
एसटीएफ के अनुसार, हिमांशु अग्रवाल की एजेंसी ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और नारकोटिक्स जैसी कई नकली दवाओं का वितरण करती थी। यह नेटवर्क न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी सक्रिय था, जिससे मरीजों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई से नकली दवाओं की आपूर्ति में बड़ी बाधा उत्पन्न होगी और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। एसटीएफ ने पिछले कुछ महीनों में इस अवैध कारोबार पर नकेल कसने की मुहिम तेज कर दी है।
एसटीएफ ने आगे कहा कि हिमांशु अग्रवाल के खिलाफ विभिन्न राज्यों में लंबित मामले भी सामने आए हैं और उसकी गतिविधियों की जांच जारी है। गिरफ्तार किए गए नकली दवाओं के सैंपल लैब में परीक्षण के लिए भेजे गए हैं ताकि उनकी असली और नकली होने की पुष्टि हो सके। एसटीएफ की इस कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि नकली दवाओं के कारोबार में शामिल लोग कानून से बच नहीं सकते। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे केवल मान्यता प्राप्त और प्रमाणित मेडिकल स्टोर से ही दवाइयां खरीदें और किसी भी संदिग्ध दवा की सूचना स्थानीय पुलिस या एसटीएफ को दें।
एसटीएफ के अधिकारियों ने कहा कि हिमांशु अग्रवाल की गिरफ्तारी नकली दवाओं के व्यापारियों के लिए एक चेतावनी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। नकली दवाओं का यह कारोबार मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया था। इससे हृदय रोगियों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को सीधे नुकसान पहुंच सकता था। अधिकारियों ने बताया कि इस नेटवर्क से बरामद दवाओं की कुल मात्रा हजारों मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी। एसटीएफ की टीम ने आगरा और अन्य राज्यों में छापेमारी के दौरान कई गोदामों और वितरण केंद्रों की पहचान की और वहां से भी नकली दवाएं और संबंधित दस्तावेज बरामद किए। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य सुरक्षा और जनता की सुरक्षा के प्रयासों का हिस्सा है।





