उत्तर प्रदेश

महिला बैंककर्मी को प्रताड़ित करने के आरोप में सपा नेता गिरफ्तार, अलीगढ़ में रिश्तेदार के घर छिपा था

Kavita2
29 Sept 2026 9:17 AM IST
महिला बैंककर्मी को प्रताड़ित करने के आरोप में सपा नेता गिरफ्तार, अलीगढ़ में रिश्तेदार के घर छिपा था
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अलीगढ़। उत्तर प्रदेश पुलिस ने समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश सचिव सैयद राजन अहमद रिजवी को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया है। सपा नेता पर एक महिला बैंककर्मी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, उसकी निजी जानकारियां जुटाने, रेकी करने, ब्लैकमेल करने और अश्लील मैसेज भेजने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस के मुताबिक वह अलीगढ़ में अपने एक रिश्तेदार के घर छिपा हुआ था, जहां से उसे पकड़ लिया गया।

मामला सामने आने के बाद पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की थी। शिकायत में सैयद राजन अहमद रिजवी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए। महिला बैंककर्मी का आरोप है कि उसे लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। इसके साथ ही उसकी निजी जिंदगी से जुड़ी जानकारियां हासिल करने और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश की जा रही थी।

महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी उसकी रेकी करा रहा था और उसके आने-जाने से जुड़ी जानकारी जुटा रहा था। इतना ही नहीं, उसे कथित तौर पर ब्लैकमेल करने और मोबाइल पर आपत्तिजनक व अश्लील संदेश भेजने की भी शिकायत की गई। महिला की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हो गया। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर तलाश शुरू की। इस दौरान आरोपी की गतिविधियों और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई गई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी थी कि वह कहां छिपा हो सकता है और किन लोगों के संपर्क में है।

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अलीगढ़ में अपने एक रिश्तेदार के घर पर छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने संबंधित स्थान पर पहुंचकर कार्रवाई की और सैयद राजन अहमद रिजवी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे पुलिस हिरासत में लेकर मामले से जुड़े आरोपों के संबंध में पूछताछ शुरू की गई है।

पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि महिला की निजी जानकारियां किस तरह जुटाई गईं और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। रेकी से जुड़े आरोपों को देखते हुए यह भी जांच की जा रही है कि महिला की गतिविधियों की जानकारी आरोपी तक किस माध्यम से पहुंच रही थी।

इसके अलावा मोबाइल फोन और डिजिटल माध्यम से भेजे गए कथित अश्लील संदेशों की भी जांच की जा सकती है। ऐसे मामलों में मोबाइल डिवाइस, चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड जांच के महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं। पुलिस मामले से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र कर आरोपों की जांच आगे बढ़ा रही है।

महिला बैंककर्मी की शिकायत में मानसिक उत्पीड़न का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक लगातार परेशान किए जाने से महिला को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कथित उत्पीड़न कब से चल रहा था और दोनों के बीच पहले से किसी तरह का संपर्क था या नहीं।

आरोपी सैयद राजन अहमद रिजवी समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक सभा में प्रदेश सचिव के पद से जुड़ा बताया गया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि पुलिस की कार्रवाई महिला की शिकायत और दर्ज मुकदमे के आधार पर की गई है और लगाए गए आरोपों की अंतिम सत्यता न्यायिक प्रक्रिया में तय होगी।

पुलिस के लिए आरोपी की गिरफ्तारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मुकदमा दर्ज होने के बाद वह फरार था। गिरफ्तारी के बाद अब जांच टीम को उससे सीधे पूछताछ का मौका मिलेगा। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि शिकायत में लगाए गए ब्लैकमेल और रेकी के आरोपों के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और इससे संबंधित कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

मामले में डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। महिला को भेजे गए कथित संदेश, कॉल और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करेगी। इसके अलावा महिला की निजी जानकारी आरोपी तक पहुंचने के स्रोत का भी पता लगाया जाएगा।

पुलिस आरोपी के संपर्क में रहे लोगों से भी जरूरत के मुताबिक पूछताछ कर सकती है। खासकर उस अवधि की गतिविधियों की जांच की जा रही है जब मुकदमा दर्ज होने के बाद वह पुलिस से बचता रहा। अलीगढ़ में जिस रिश्तेदार के घर वह मिला, वहां उसके पहुंचने और ठहरने से जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है।

फिलहाल सैयद राजन अहमद रिजवी पुलिस की गिरफ्त में है। मामले में महिला द्वारा लगाए गए मानसिक उत्पीड़न, निजी जानकारी जुटाने, रेकी, ब्लैकमेल और अश्लील संदेश भेजने के आरोपों की जांच जारी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

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