उत्तर प्रदेश

राज्यसभा चुनाव में सपा ने बढ़ाया मुकाबला, संख्या बल दो सीटों का फिर भी उतारेगी तीन प्रत्याशी

Kavita2
28 Sept 2026 3:51 PM IST
राज्यसभा चुनाव में सपा ने बढ़ाया मुकाबला, संख्या बल दो सीटों का फिर भी उतारेगी तीन प्रत्याशी
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। पार्टी के पास संख्या बल के आधार पर दो राज्यसभा सदस्यों को जिताने की क्षमता है, इसके बावजूद सपा तीन उम्मीदवार मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है।

राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भाजपा की आठ और समाजवादी पार्टी की दो सीटें खाली हो रही हैं। ऐसे में सपा की ओर से एक अतिरिक्त सीट पर दावा पेश करने की रणनीति ने चुनावी समीकरणों को रोचक बना दिया है।

रामगोपाल यादव को फिर भेजने पर सहमति

समाजवादी पार्टी के विधायकों की बैठक में वरिष्ठ नेता और मौजूदा राज्यसभा सदस्य प्रोफेसर रामगोपाल यादव को दोबारा उच्च सदन में भेजने पर सहमति बनी है।

रामगोपाल यादव सपा के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल रहे हैं और लंबे समय से पार्टी का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पार्टी उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें फिर से उम्मीदवार बनाने की तैयारी में है।

आलोक रंजन और सलीम इकबाल भी संभावित उम्मीदवार

सपा ने पूर्व आईएएस अधिकारी आलोक रंजन और सलीम इकबाल को भी राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है।

आलोक रंजन इससे पहले भी राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार रह चुके हैं। पार्टी अब उन्हें दोबारा मौका देने जा रही है। वहीं सलीम इकबाल को भी चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी है।

बताया जा रहा है कि इन नामों पर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की सहमति बन चुकी है।

10 सीटों पर होगा चुनाव

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। इनमें भाजपा की आठ और सपा की दो सीटों का कार्यकाल पूरा हो रहा है।

विधानसभा में मौजूद संख्या के आधार पर भाजपा और सपा दोनों अपनी-अपनी सीटों पर मजबूत स्थिति में हैं।

संख्या बल के आधार पर सपा दो सीटों पर मजबूत

उत्तर प्रदेश विधानसभा में सपा के पास इतनी संख्या है कि वह अपने दो उम्मीदवारों को आसानी से जीत दिला सकती है।

हालांकि, तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने का फैसला चुनाव को मुकाबले वाला बना सकता है। इसके लिए सपा को अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी।

भाजपा भी तैयार कर रही रणनीति

दूसरी ओर भाजपा भी राज्यसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर रही है।

संख्या बल के आधार पर भाजपा अपने सात उम्मीदवारों को जीत दिलाने की स्थिति में बताई जा रही है। इसके अलावा अतिरिक्त सीटों को लेकर भी राजनीतिक समीकरणों पर नजर रखी जा रही है।

चुनाव में दिख सकती है रस्साकशी

राज्यसभा चुनाव में आमतौर पर संख्या बल के साथ-साथ राजनीतिक रणनीति और समर्थन जुटाने की भूमिका भी अहम होती है।

सपा के तीसरे उम्मीदवार के कारण चुनाव में मुकाबला बढ़ने की संभावना है। अब सभी दल अपने विधायकों को एकजुट रखने और चुनावी रणनीति को मजबूत करने में जुटेंगे।

विधायकों के वोट होंगे अहम

राज्यसभा चुनाव में प्रत्येक विधायक का वोट महत्वपूर्ण होता है। उम्मीदवारों की जीत के लिए तय संख्या में विधायकों का समर्थन जरूरी होता है।

ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

अखिलेश यादव की रणनीति पर नजर

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार संगठन और राजनीतिक समीकरणों को मजबूत करने में लगे हैं।

राज्यसभा चुनाव में तीन उम्मीदवार उतारने का फैसला पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसके जरिए सपा चुनावी मुकाबले में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

आगे तय होगी तस्वीर

अब नजर नामांकन प्रक्रिया और चुनावी गतिविधियों पर रहेगी। आने वाले दिनों में साफ होगा कि कौन-कौन उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं और किस तरह के राजनीतिक समीकरण बनते हैं।

उत्तर प्रदेश का यह राज्यसभा चुनाव संख्या बल, रणनीति और राजनीतिक समर्थन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सपा के अतिरिक्त उम्मीदवार उतारने के फैसले ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है।

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