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रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी मुद्दे पर सपा का शक्ति प्रदर्शन, इकरा हसन ने दिया बड़ा बयान

रामपुर : उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर जारी विवाद के बीच प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण आदेश के बाद समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है। शनिवार को सपा के 10 सांसदों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा और जौहर यूनिवर्सिटी जाकर छात्रों से मुलाकात की।
इससे पहले दो दिन पूर्व नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में सपा विधायकों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा था। अब सांसदों के दौरे को पार्टी की बड़ी राजनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी इस मुद्दे के जरिए अपने वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके समर्थकों के साथ मजबूती से खड़े होने का संदेश देना चाहती है।
जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचकर छात्रों से मिले सांसद
सपा सांसदों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचने के बाद सीधे मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचा। यहां पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे छात्र-छात्राओं से सांसदों ने मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
सांसदों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि पार्टी उनके संघर्ष में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल किसी एक भवन या संस्था का नहीं है, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य और शिक्षा के अधिकार से जुड़ा हुआ विषय है।
प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों से कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही उनकी आवाज को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा। सांसदों ने सरकार से भी छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की मांग की।
आजम खान के समर्थन का राजनीतिक संदेश
जौहर यूनिवर्सिटी लंबे समय से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़ी रही है। ऐसे में यूनिवर्सिटी को लेकर चल रहे विवाद में सपा नेताओं की सक्रियता को आजम खान और उनके समर्थकों के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
सपा का कहना है कि यूनिवर्सिटी से जुड़े फैसलों का असर बड़ी संख्या में छात्रों और कर्मचारियों पर पड़ सकता है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार को शिक्षा संस्थानों और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए।
2027 चुनाव से पहले सपा की रणनीति पर नजर
राजनीतिक गलियारों में सपा सांसदों के इस दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पार्टी ऐसे मुद्दों को लेकर अपने समर्थक वर्ग के बीच मजबूत संदेश देने की कोशिश कर रही है।
सपा नेताओं का कहना है कि पार्टी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी और छात्रों, युवाओं तथा आम लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष करेगी।
मामले पर आगे बढ़ी राजनीतिक हलचल
जौहर यूनिवर्सिटी मामले को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। सपा के बाद अन्य दल भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर पर ध्वस्तीकरण आदेश और उससे जुड़ी कार्रवाई को लेकर भी सभी की निगाहें आगे की प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।





