उत्तर प्रदेश

राम के नाम पर सपा को बाबर जैसी चिढ़ योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर बड़ा हमला

Kavita2
22 Sept 2026 11:53 AM IST
राम के नाम पर सपा को बाबर जैसी चिढ़ योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर बड़ा हमला
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मेरठ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि भगवान राम का नाम सुनते ही सपा को उतनी ही "चिढ़" होती है, जितनी मुगल शासक बाबर को होती थी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को मेरठ में भाजपा के पश्चिमी क्षेत्र के 'शक्ति केंद्र' संयोजकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने इन दलों पर परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। ये आरोप भाजपा और मुख्यमंत्री के राजनीतिक दावे हैं; संबंधित विपक्षी दल लंबे समय से भाजपा के ऐसे आरोपों का विरोध करते रहे हैं।

राम के नाम को लेकर सपा पर निशाना

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सपा पर सनातन परंपराओं का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भगवान राम का नाम लेने पर समाजवादी पार्टी को उसी तरह परेशानी होती है, जैसी बाबर को होती थी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि "बाबर के अनुयायियों" को जवाब देने के लिए "बजरंगी के भक्तों" को आगे आना होगा।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। भाजपा का यह शक्ति केंद्र सम्मेलन भी बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की कवायद का हिस्सा था।

धार्मिक आयोजनों का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने सपा की पूर्ववर्ती सरकारों पर धार्मिक आयोजनों में बाधा डालने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कांवड़ यात्रा और कृष्ण जन्माष्टमी जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार के दौरान इन आयोजनों को बिना रोक-टोक आयोजित करने की व्यवस्था की गई है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान सरकार ने धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े स्थलों के विकास पर भी काम किया है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा-वृंदावन में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया।

परिवारवाद और जातिवाद पर विपक्ष को घेरा

योगी आदित्यनाथ ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर परिवारवाद और जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री के मुताबिक इन दलों के शासन में सत्ता का इस्तेमाल राजनीतिक परिवारों और उनके हितों को आगे बढ़ाने के लिए किया गया।

उन्होंने भाजपा की राजनीति को इससे अलग बताते हुए कार्यकर्ताओं के सामने "राष्ट्र प्रथम" की बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की संगठनात्मक सोच में व्यक्ति से ऊपर दल और दल से ऊपर राष्ट्र है।

मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आने वाले समय में समाज को जातियों के आधार पर बांटने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से ऐसे प्रयासों के खिलाफ लोगों के बीच संवाद बढ़ाने को कहा।

बूथ मजबूत करने पर जोर

सम्मेलन में योगी आदित्यनाथ ने पार्टी के संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने शक्ति केंद्र संयोजकों से प्रत्येक बूथ की समीक्षा करने, प्रभावी टीम बनाने और पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से परिवारों तक पहुंचने, मतदाताओं के साथ संपर्क और संवाद बढ़ाने तथा उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करने को भी कहा।

भाजपा के लिए शक्ति केंद्र संगठन की वह इकाई है, जिसके जरिए कई बूथों के बीच समन्वय किया जाता है। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इन इकाइयों को सक्रिय करने पर जोर दे रही है।

नितिन नवीन भी सम्मेलन में रहे मौजूद

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का आह्वान किया और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की विधानसभा सीटों पर पार्टी की तैयारियों की चर्चा की। रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडलों के 14 जिलों की 71 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक स्तर पर विशेष ध्यान दे रही है।

नितिन नवीन ने भी सपा और कांग्रेस पर परिवारवाद तथा 'डिवाइड एंड रूल' की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने योगी सरकार के कानून-व्यवस्था और विकास संबंधी रिकॉर्ड की प्रशंसा की। ये बयान भाजपा नेतृत्व के राजनीतिक दावे हैं।

कानून व्यवस्था पर योगी का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले दिखाई देने वाली "कट्टा और बंदूक" की राजनीति को उनकी सरकार ने खत्म किया और लंबे समय तक लगने वाले कर्फ्यू जैसी स्थितियों में बदलाव आया है।

कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच लगातार राजनीतिक बहस होती रही है। भाजपा जहां अपनी सरकार के कार्यकाल में अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई को उपलब्धि के रूप में पेश करती है, वहीं विपक्ष विभिन्न आपराधिक घटनाओं और सरकारी कार्रवाई के तरीकों को लेकर सवाल उठाता रहा है।

पश्चिमी यूपी पर भाजपा का फोकस

मेरठ में आयोजित यह सम्मेलन भाजपा की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चल रही संगठनात्मक तैयारियों का हिस्सा है। पश्चिमी यूपी की राजनीति में किसान, जातीय समीकरण, कानून व्यवस्था और धार्मिक-सांस्कृतिक मुद्दे लंबे समय से प्रमुख भूमिका निभाते रहे हैं।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा बूथ और शक्ति केंद्र स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। सम्मेलन में पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर संगठन की सक्रियता बढ़ाने को कहा।

राम और सनातन पर फिर तेज हुई सियासत

योगी आदित्यनाथ के भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा भगवान राम और बाबर को लेकर सपा पर किया गया हमला रहा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को भाजपा की राजनीति और सरकार के कामकाज से जोड़ते हुए अयोध्या, काशी और मथुरा-वृंदावन का उल्लेख किया।

वहीं विपक्ष पर परिवारवाद, जातिवाद और सनातन परंपरा के विरोध के आरोप लगाकर उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक रूप से सक्रिय रहने का संदेश दिया। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मेरठ में हुआ यह सम्मेलन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा की बढ़ती चुनावी और संगठनात्मक गतिविधियों के बीच आयोजित हुआ है।

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