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Yogi's के आरोपों पर सपा का पलटवार, ‘हनुमान’ कलाकार को लेकर उठे सवाल

Lucknow लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान को लेकर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में एक कार्यक्रम के दौरान पिछली सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा था कि पहले अयोध्या और धार्मिक स्थलों की स्थिति ठीक नहीं थी और हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थान पर भी नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। इस बयान के बाद प्रदेश में सियासी बहस शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए पिछली सरकारों पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि पहले अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सरयू घाटों की स्थिति खराब थी और गंदगी की वजह से धार्मिक नगरी की पहचान प्रभावित हो रही थी।
सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अयोध्या के विकास और धार्मिक स्थलों की व्यवस्था सुधारने का काम किया है। इसी दौरान उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग आज आस्था की बात करते हैं, उनके शासनकाल में हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थल पर नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। मुख्यमंत्री के इस बयान पर अब विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
सपा सांसद सनातन पांडे ने मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को विकास और जनहित के मुद्दों पर बात करनी चाहिए। पांडे ने हनुमानगढ़ी से जुड़े बयान के साथ-साथ लखनऊ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हालिया रोड शो का एक वायरल वीडियो भी उठाया।
सपा सांसद ने उस वीडियो पर सवाल खड़े किए, जिसमें रोड शो के दौरान हनुमान के वेश में एक कलाकार को प्रदर्शन करते हुए देखा गया था। उन्होंने इस मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने केवल पिछली सरकारों के दौरान धार्मिक स्थलों की स्थिति और वर्तमान सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों की तुलना की है। उनका कहना है कि अयोध्या में अब श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और धार्मिक नगरी का स्वरूप बदला है।
इस पूरे मामले को लेकर सपा और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जहां भाजपा मुख्यमंत्री के बयान को अयोध्या के विकास और आस्था से जोड़ रही है, वहीं सपा इसे राजनीतिक बयानबाजी बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की सियासत में और गर्माने की संभावना है।





