उत्तर प्रदेश

Sonbhadra: वरिष्ठ आदिवासी नेता विजय सिंह गोंड का निधन

Admindelhi1
8 Jan 2026 2:58 PM IST
Sonbhadra: वरिष्ठ आदिवासी नेता विजय सिंह गोंड का निधन
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आदिवासी राजनीति को लगा बड़ा झटका

सोनभद्र: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दुद्धी विधानसभा सीट से विधायक विजय सिंह गोंड का लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और दोनों किडनियों के खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि विधानसभा अध्यक्ष अवधनारायण यादव ने की है।

विजय सिंह गोंड के निधन की खबर मिलते ही सोनभद्र जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक गलियारों से लेकर आदिवासी समाज तक गहरा दुख व्याप्त है। समर्थकों, कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन को आदिवासी राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

आदिवासी समाज के ‘पितामह’ माने जाने वाले विजय सिंह गोंड ने दशकों तक वनवासी और अनुसूचित जनजाति समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। दुद्धी और ओबरा विधानसभा क्षेत्रों को अनुसूचित जनजाति आरक्षित घोषित कराने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। सदन में उनकी पहचान एक मुखर और जमीनी नेता के रूप में रही, जिन्होंने आदिवासी मुद्दों को बार-बार मजबूती से उठाया।

उनका राजनीतिक सफर बेहद साधारण शुरुआत से शुरू हुआ। वनवासी सेवा आश्रम में मात्र 200 रुपये मासिक मानदेय पर कार्य करते हुए उन्होंने वर्ष 1979 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 1989 में उन्होंने अपने राजनीतिक गुरु रामप्यारे पनिका को पराजित कर आदिवासी राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ा।

विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े रहते हुए विजय सिंह गोंड आठ बार विधानसभा के सदस्य रहे और प्रदेश की राजनीति में आदिवासी समाज को एक सशक्त पहचान दिलाई। उन्होंने हमेशा शिक्षा, स्वास्थ्य, वनाधिकार और विस्थापन जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी।

उनके निधन पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके पैतृक क्षेत्र की ओर रवाना हो रहे हैं। विजय सिंह गोंड का जाना आदिवासी समाज की एक मजबूत आवाज के खामोश होने जैसा माना जा रहा है।

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