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उत्तर प्रदेश
मंदाकिनी के सैलाब में बेटे ने दिखाया साहस मां बहन की बचाई जिंदगी
nidhi
5 Sept 2026 12:26 PM IST

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बाढ़ में बहने लगी मां बहन तो बेटा बना फरिश्ता तैरकर दोनों को बचाया
चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ ने कई परिवारों की जिंदगी को झकझोर कर रख दिया। तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर के बीच कई घरों में पानी घुस गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा। इसी दौरान एक परिवार में बेटे ने अपनी जान की परवाह किए बिना मां और बहन को बचाने के लिए पानी के तेज बहाव में तैरकर रास्ता बनाया। बेटे की बहादुरी का जिक्र करते हुए मां पार्वती भावुक हो गईं और बेटे की हिम्मत बताते-बताते फफक पड़ीं।
अचानक बढ़ गया था पानी
परिवार के मुताबिक बाढ़ के दौरान मंदाकिनी का पानी तेजी से बढ़ने लगा। देखते ही देखते आसपास के रास्ते और घर पानी से घिरने लगे। परिवार को समझ नहीं आ रहा था कि सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुंचा जाए। तेज बहाव के कारण सामान्य रास्ते से निकलना बेहद जोखिम भरा हो गया था। इसी दौरान बेटे ने हालात को समझते हुए मां और बहन को सुरक्षित निकालने का फैसला किया। पानी का बहाव तेज था, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी।
मां और बहन के लिए बना सहारा
बताया गया कि बेटे ने पानी में उतरकर रास्ता बनाया और मां तथा बहन को सुरक्षित स्थान की ओर पहुंचाने में मदद की। खुद भी तेज बहाव के बीच तैरता रहा और परिवार के दोनों सदस्यों को सुरक्षित निकालने का प्रयास करता रहा। परिवार के लिए वह पल बेहद डरावना था। हर कदम पर पानी का बहाव खतरा पैदा कर रहा था। इसके बावजूद बेटे ने पीछे हटने के बजाय अपनी मां और बहन की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
बेटे की बहादुरी बताते हुए रो पड़ीं पार्वती
बाढ़ से सुरक्षित निकलने के बाद जब मां पार्वती ने उस भयावह समय को याद किया तो उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। बेटे की बहादुरी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अगर उसने हिम्मत नहीं दिखाई होती तो परिवार के लिए हालात और मुश्किल हो सकते थे। बेटे ने जिस तरह मुश्किल परिस्थिति में परिवार का साथ दिया, उसे याद करते हुए पार्वती भावुक हो गईं। उनके लिए बेटे का साहस जिंदगीभर याद रहने वाला पल बन गया है।
चित्रकूट में बाढ़ से भारी नुकसान
मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से चित्रकूट जिले के कई इलाके प्रभावित हुए। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। कई घरों में पानी घुस गया, जबकि सड़क और संपर्क मार्ग भी प्रभावित हुए। बाढ़ के कारण स्थानीय लोगों को कई दिनों तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन और राहत दलों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य चलाए गए।
बहादुरी की कहानी बनी मिसाल
प्राकृतिक आपदा के बीच अक्सर लोगों के सामने जिंदगी बचाने की चुनौती खड़ी हो जाती है। ऐसे समय में साहस और सूझबूझ बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। मंदाकिनी की बाढ़ में मां और बहन को बचाने वाले इस बेटे की कहानी भी इसी हिम्मत की मिसाल है। एक तरफ बाढ़ का तेज बहाव था और दूसरी तरफ अपनों की जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी। बेटे ने खतरे के बावजूद हिम्मत दिखाई और मां-बहन को सुरक्षित निकालने में मदद की। आज जब परिवार उस घटना को याद करता है तो डर के साथ बेटे की बहादुरी पर गर्व भी महसूस करता है। मां पार्वती की आंखों से निकले आंसू उस भयावह अनुभव और बेटे के प्रति उनके गर्व दोनों को बयां करते हैं। मंदाकिनी की बाढ़ ने परिवार को भले ही मुश्किल दौर दिखाया, लेकिन इसी आपदा में बेटे ने अपने साहस से मां और बहन के लिए सुरक्षा की दीवार खड़ी कर दी।
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