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प्रयागराज। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) नैनी में आयोजित वार्षिक एवं अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा की सैद्धांतिक विषयों की Computer Based Test (CBT) परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। परीक्षा में अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उनकी जगह सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराने के मामले में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया है कि परीक्षा में असली परीक्षार्थियों की जगह दूसरे लोग बैठकर पेपर दे रहे थे। इस पूरे खेल में संस्थान के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की भी बात सामने आई है। एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए परीक्षा में सॉल्वर की भूमिका निभाने वाले लोगों के साथ-साथ संस्थान के प्रिंसिपल और अनुदेशक को भी गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, ITI नैनी में आयोजित CBT परीक्षा के दौरान एसटीएफ को परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि कुछ अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उनकी जगह सॉल्वर बैठाए जा रहे थे, ताकि वे परीक्षा में सफल हो सकें।
एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया कि सॉल्वर गिरोह परीक्षा केंद्र की व्यवस्था और प्रक्रिया की कमजोरियों का फायदा उठा रहा था। इस गिरोह में शामिल लोग अभ्यर्थियों से संपर्क कर उन्हें परीक्षा पास कराने का भरोसा देते थे। इसके बदले उनसे पैसे लिए जाते थे।
मामले में एसटीएफ ने परीक्षा केंद्र से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की। जांच के बाद संस्थान के प्रिंसिपल और एक अनुदेशक की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी और संचालन में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था और अब तक कितने परीक्षार्थियों को इस तरह से लाभ पहुंचाया गया है। एसटीएफ यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि व्यावसायिक परीक्षाओं के आधार पर युवाओं का भविष्य तय होता है। ऐसे में किसी भी तरह की नकल या फर्जीवाड़ा योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है।
इस मामले में एसटीएफ अब आरोपियों के संपर्कों, आर्थिक लेन-देन और परीक्षा से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि गिरोह के तार अन्य परीक्षाओं से भी जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई के बाद परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
परीक्षा में सॉल्वर बैठाने का मामला सामने आने के बाद अभ्यर्थियों और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं से मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय होता है और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा प्रभावित होता है।
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। साथ ही, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जीवाड़े में कितने अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया गया।
फिलहाल ITI नैनी CBT परीक्षा में हुए इस फर्जीवाड़े को लेकर जांच तेज कर दी गई है। एसटीएफ की कार्रवाई से यह साफ संकेत मिला है कि परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।





