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स्मार्ट मीटर गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक, मानकों पर खरे उतरे मीटर

लखनऊ। स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता को लेकर चल रही जांच के बीच पावर कॉरपोरेशन ने शुक्रवार देर रात जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी। रिपोर्ट में स्मार्ट मीटर को निर्धारित मानकों के अनुरूप और सटीक पाया गया है। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जिन बिंदुओं पर मीटरों की तकनीकी गुणवत्ता और कार्यक्षमता की जांच की गई, उनमें मीटर स्मार्ट मीटर के लिए तय आवश्यकताओं को पूरा करने में सफल रहे हैं।
हालांकि, स्मार्ट मीटर की संयोजकता और सॉफ्टवेयर से जुड़े कुछ पहलुओं की जांच अभी जारी है। इन दोनों बिंदुओं की जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तकनीकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पावर कॉरपोरेशन के मुताबिक, शेष जांच की रिपोर्ट करीब 15 दिनों में आने की संभावना है। ऐसे में फिलहाल सार्वजनिक की गई रिपोर्ट को जांच प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
जांच समिति ने परखी मीटर की सटीकता
स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं की ओर से लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। विशेष रूप से मीटर की रीडिंग, बिजली खपत की गणना और बिलिंग में उसकी सटीकता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। इन्हीं सवालों के बीच मीटरों की गुणवत्ता और तकनीकी क्षमता की जांच के लिए समिति गठित की गई थी।
समिति ने जांच के दौरान मीटरों को निर्धारित तकनीकी मानकों की कसौटी पर परखा। रिपोर्ट में मीटरों को सटीक पाया गया है। समिति के निष्कर्ष के मुताबिक स्मार्ट मीटर आवश्यक तकनीकी जरूरतों को पूरा करने में सफल हैं। इससे मीटर की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों को फिलहाल जांच के इस हिस्से में विराम मिलता दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच केवल मीटर की सटीकता तक सीमित नहीं है। स्मार्ट मीटर एक आधुनिक डिजिटल प्रणाली का हिस्सा हैं, इसलिए उनके हार्डवेयर के साथ-साथ संचार व्यवस्था और सॉफ्टवेयर की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। इसी वजह से संयोजकता और सॉफ्टवेयर की जांच को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
संयोजकता और सॉफ्टवेयर की जांच अभी जारी
पावर कॉरपोरेशन की ओर से सार्वजनिक की गई रिपोर्ट में मीटर की संयोजकता और सॉफ्टवेयर से संबंधित जांच को अभी पूरा नहीं बताया गया है। इन दोनों पहलुओं की जांच प्रचलित है। अधिकारियों के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट भी सामने रखी जाएगी।
स्मार्ट मीटर सामान्य बिजली मीटर से अलग होते हैं। इनमें बिजली खपत से संबंधित आंकड़ों को डिजिटल माध्यम से दर्ज करने और संबंधित प्रणाली तक पहुंचाने की क्षमता होती है। ऐसे में मीटर की सटीकता के साथ यह देखना भी जरूरी होता है कि वह निर्धारित संचार व्यवस्था से सही तरीके से जुड़ रहा है या नहीं और उसके सॉफ्टवेयर में किसी तरह की तकनीकी समस्या तो नहीं है।
इसी कारण संयोजकता और सॉफ्टवेयर की जांच को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पावर कॉरपोरेशन को उम्मीद है कि इन दोनों पहलुओं से जुड़ी जांच रिपोर्ट अगले 15 दिनों में सामने आ सकती है। इसके बाद स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और तकनीकी व्यवस्था को लेकर पूरी तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट से उपभोक्ताओं को क्या संदेश
स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चा के बीच पावर कॉरपोरेशन की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मीटरों को सटीक पाए जाने का सीधा अर्थ यह है कि जांच समिति ने परीक्षण के दौरान उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया है।
बिजली उपभोक्ताओं के लिए मीटर की सटीकता सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। उपभोक्ता यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके घर या प्रतिष्ठान में दर्ज होने वाली बिजली खपत वास्तविक उपयोग के अनुरूप हो और उसी आधार पर बिल तैयार किया जाए। ऐसे में जांच रिपोर्ट में स्मार्ट मीटरों के सटीक पाए जाने से उपभोक्ताओं की चिंताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, अभी संयोजकता और सॉफ्टवेयर की जांच पूरी नहीं हुई है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष के लिए शेष रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। यदि इन दोनों क्षेत्रों में भी व्यवस्था मानकों के अनुरूप पाई जाती है तो स्मार्ट मीटरों की पूरी तकनीकी प्रणाली को लेकर पावर कॉरपोरेशन की स्थिति और मजबूत होगी।
15 दिनों में सामने आएगी पूरी तस्वीर
पावर कॉरपोरेशन ने शुक्रवार देर रात रिपोर्ट सार्वजनिक करके स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांच के एक प्रमुख चरण के परिणाम सामने रख दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार मीटर आवश्यक मानकों पर खरे उतरे हैं और उनकी सटीकता जांच में संतोषजनक पाई गई है।
अब निगाहें संयोजकता और सॉफ्टवेयर की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। इन दोनों की जांच फिलहाल जारी है और करीब 15 दिनों में रिपोर्ट आने की संभावना जताई गई है। इसके बाद स्मार्ट मीटर की तकनीकी गुणवत्ता को लेकर जांच का पूरा निष्कर्ष सामने आएगा।
फिलहाल पावर कॉरपोरेशन की रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष यही है कि जांच समिति द्वारा परखे गए मानकों के आधार पर स्मार्ट मीटर आवश्यकताओं को पूरा करने में सफल रहे हैं। शेष तकनीकी पहलुओं की रिपोर्ट आने के बाद ही स्मार्ट मीटर की पूरी व्यवस्था को लेकर अंतिम तस्वीर साफ होगी।





