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आगरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में स्लीपर बस चालक समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि छह यात्री घायल हो गए। नोएडा से गोंडा जा रही स्लीपर बस खंदौली थाना क्षेत्र में आगे चल रहे एक ट्रक से टकरा गई। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर एसीपी एत्मादपुर और सर्किल का पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।
जानकारी के अनुसार स्लीपर बस यात्रियों को लेकर नोएडा से गोंडा की ओर जा रही थी। शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि करीब दो बजे बस खंदौली थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के 149वें माइल स्टोन के पास पहुंची। इसी दौरान वह आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में बस चालक समेत दो लोगों की मौत हो गई। मृत दूसरे व्यक्ति की पहचान से संबंधित जानकारी तत्काल सामने नहीं आई है। दुर्घटना में घायल छह यात्रियों को पुलिस ने स्थानीय लोगों और उपलब्ध संसाधनों की मदद से बस से बाहर निकलवाया। सभी घायलों को एंबुलेंस एवं अन्य वाहनों के माध्यम से उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही एसीपी एत्मादपुर के साथ सर्किल के विभिन्न थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। रात के समय हुए हादसे और बस में बड़ी संख्या में यात्रियों की मौजूदगी को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य प्राथमिकता से शुरू किया गया। बस में फंसे और घायल यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद उनके उपचार की व्यवस्था की गई।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शवों की पहचान और उनके परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के चिकित्सकीय कारणों की औपचारिक पुष्टि हो सकेगी। घायल यात्रियों की स्थिति के संबंध में अस्पताल से जानकारी जुटाई जा रही है।
हादसे के बाद संबंधित ट्रक का चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है। वाहन के पंजीकरण विवरण के आधार पर उसके मालिक और चालक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फरार चालक की तलाश की जा रही है और उससे पूछताछ के बाद दुर्घटना से जुड़ी परिस्थितियां अधिक स्पष्ट हो सकेंगी।
प्रारंभिक जानकारी में बस के आगे चल रहे ट्रक से टकराने की बात सामने आई है। हालांकि दुर्घटना के समय दोनों वाहनों की रफ्तार कितनी थी, ट्रक अचानक धीमा हुआ था या बस चालक समय रहते दूरी का अनुमान नहीं लगा सका, इन सभी बिंदुओं की पड़ताल की जाएगी। घटना के वास्तविक कारण का पता तकनीकी निरीक्षण और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के बाद चलेगा।
यमुना एक्सप्रेसवे के 149वें माइल स्टोन के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी घटना की कड़ियां जोड़ने में सहायक हो सकती है। रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने पर यह देखा जा सकेगा कि टक्कर से पहले ट्रक और बस की स्थिति क्या थी। हादसे के समय मार्ग पर मौजूद अन्य वाहनों के चालकों से भी जानकारी ली जा सकती है।
दुर्घटना के बाद एक्सप्रेसवे की संबंधित लेन पर यातायात प्रभावित हुआ। बस और ट्रक के सड़क पर खड़े होने के कारण पीछे से आने वाले वाहनों को सावधानी के साथ निकाला गया। पुलिस ने दुर्घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए अन्य वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरने के निर्देश दिए। राहत कार्य पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सामान्य कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
यात्रियों के मुताबिक टक्कर के बाद बस के अंदर अचानक जोरदार झटका लगा और सो रहे लोग अपनी सीटों एवं बर्थ से नीचे गिर गए। रात का समय होने के कारण अधिकांश यात्री नींद में थे। दुर्घटना होते ही बस में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। जो यात्री सुरक्षित थे, उन्होंने दूसरे लोगों को बाहर निकलने में मदद की।
देर रात होने के कारण शुरुआत में यात्रियों को दुर्घटना की सही स्थिति समझ नहीं आई। बस का अगला हिस्सा अधिक क्षतिग्रस्त होने के कारण चालक को गंभीर चोटें आईं। पुलिस और बचावकर्मियों के पहुंचने के बाद घायलों को एक-एक कर बाहर निकाला गया। बस में यात्रा कर रहे अन्य लोगों को भी सुरक्षित स्थान पर भेजने की व्यवस्था की गई।
लंबी दूरी की स्लीपर बसों का संचालन अक्सर रात के समय होता है। ऐसे में चालक की सतर्कता, वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी और निर्धारित गति का पालन बेहद महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेसवे पर वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं और आगे चल रहे वाहन से दूरी कम होने पर अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है।
भारी ट्रकों के पीछे चलते समय बस और दूसरे वाहनों को पर्याप्त दूरी बनाए रखना जरूरी होता है। वहीं, ट्रक चालकों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी लेन में निर्धारित गति से वाहन चलाएं और वाहन धीमा करने से पहले संकेत दें। दुर्घटना के समय इन नियमों का पालन हुआ था या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस ने हादसे में शामिल ट्रक को अपने कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रक चालक के फरार होने के कारण उससे घटना के संबंध में पूछताछ नहीं हो सकी है। उसकी गिरफ्तारी या सामने आने के बाद यह पता चल सकेगा कि हादसे के तुरंत बाद वह मौके से क्यों भागा।
फिलहाल छह घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना देने और यात्रियों की जानकारी एकत्र करने में लगी है। हादसे में बस चालक समेत दो लोगों की जान जाने से यात्रियों और मृतकों के परिवारों में शोक है। घटना के सही कारण और जिम्मेदारी का निर्धारण विस्तृत जांच के बाद किया जाएगा।





