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भदोही: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में चलती मेमू ट्रेन पर पत्थरबाजी करने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में दो बाल अपचारियों समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सभी आरोपी भदोही जिले के औराई थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया वीडियो से सामने आया मामला
रेलवे के अनुसार, यह घटना 28 अगस्त 2026 को गोपीगंज क्षेत्र के अहीमपुर हाल्ट के पास हुई थी।
जानकारी के मुताबिक, मेमू ट्रेन संख्या 65113 पर कुछ लोगों ने कथित रूप से पत्थरबाजी की थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
वीडियो सामने आने के बाद आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की और पत्थरबाजी करने वालों की पहचान के लिए प्रयास तेज किए।
जांच के बाद हुई गिरफ्तारी
संयुक्त जांच टीम ने वीडियो, स्थानीय जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं, जिन्हें बाल अपचारी के रूप में लिया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे कोई अन्य कारण था या सभी आरोपियों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सख्ती
चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं रेलवे के लिए बड़ी चुनौती रही हैं। ऐसी घटनाओं से यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और ट्रेन में सफर कर रहे लोगों को गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है।
रेलवे प्रशासन समय-समय पर लोगों को जागरूक करता है कि ट्रेनों पर पत्थर फेंकना गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा
आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने आरोपियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अगर जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो बना जांच का आधार
पुलिस के लिए यह मामला इसलिए आसान हुआ क्योंकि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
वीडियो के आधार पर जांच टीम ने आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया। इसके बाद स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई गई और संदिग्धों की पहचान की गई।
लोगों से रेलवे की अपील
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों और आम लोगों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या पुलिस को दें।
अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन और यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे की जांच जारी
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पत्थरबाजी के दौरान ट्रेन में कितनी क्षति हुई और क्या किसी यात्री को नुकसान पहुंचा था।
रेलवे और पुलिस की संयुक्त टीम मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।
मेमू ट्रेन पर पत्थरबाजी के इस मामले में छह आरोपियों की गिरफ्तारी को रेलवे सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और गश्त को और मजबूत किया जाएगा।





