उत्तर प्रदेश

बाणसागर बांध के छह गेट दूसरे दिन भी खुले सोन नदी में छोड़ा जा रहा 804 क्यूमेक्स पानी

Kavita2
22 Sept 2026 5:54 PM IST
बाणसागर बांध के छह गेट दूसरे दिन भी खुले सोन नदी में छोड़ा जा रहा 804 क्यूमेक्स पानी
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सोनभद्र। बाणसागर बांध के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बढ़ रही पानी की आवक के चलते बांध के छह रेडियल गेट मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी खुले रहे। बांध में पूर्ण भराव जलस्तर को बनाए रखने और बढ़ती आवक को नियंत्रित करने के लिए गेट संख्या छह, सात, आठ, नौ, 10 और 11 को 0.50-0.50 मीटर तक खोला गया है। इन गेटों से स्पिलवे के जरिए 630 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।

वहीं पावर हाउस क्रमांक तीन से छोड़े जा रहे पानी को भी इसमें शामिल करने पर सोन नदी में कुल 804 क्यूमेक्स पानी का प्रवाह हो रहा है। जल संसाधन विभाग ने बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में सोन नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

छह रेडियल गेट खोले गए

बाणसागर बांध के जलग्रहण क्षेत्र में पानी की आवक बढ़ने के कारण जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए छह रेडियल गेट खोले गए हैं। इनमें गेट नंबर छह से लेकर 11 तक शामिल हैं।

सभी छह गेटों को फिलहाल आधा-आधा मीटर यानी 0.50 मीटर खोला गया है। इनसे लगातार पानी की निकासी की जा रही है। बांध प्रबंधन पानी की आवक और जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।

लगातार दूसरे दिन गेट खुले रहने से सोन नदी में पानी का प्रवाह बढ़ा हुआ है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता संबंधी निर्देश जारी किए हैं।

स्पिलवे से छोड़ा जा रहा 630 क्यूमेक्स पानी

जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार छह रेडियल गेटों के माध्यम से स्पिलवे से करीब 630 क्यूमेक्स पानी की निकासी की जा रही है।

बांध में आने वाले पानी और जलस्तर के आधार पर डिस्चार्ज को नियंत्रित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बांध में निर्धारित पूर्ण भराव जलस्तर को बनाए रखना और अतिरिक्त पानी को सुरक्षित तरीके से सोन नदी में छोड़ना है।

बांध के गेट खोलने के साथ ही जल संसाधन विभाग का मैदानी अमला भी स्थिति पर नजर रख रहा है।

सोन नदी में कुल 804 क्यूमेक्स प्रवाह

बांध के रेडियल गेटों से छोड़े जा रहे 630 क्यूमेक्स पानी के अलावा पावर हाउस क्रमांक तीन से भी पानी छोड़ा जा रहा है।

दोनों को मिलाकर सोन नदी में कुल करीब 804 क्यूमेक्स पानी का प्रवाह हो रहा है। पानी छोड़े जाने के कारण डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में नदी के जलस्तर और प्रवाह में बदलाव हो सकता है।

इसी कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। विशेष रूप से नदी के निचले हिस्सों और तट के आसपास गतिविधियां करने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है।

बढ़ी आवक तो और बढ़ सकता है डिस्चार्ज

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता की ओर से जारी सूचना में बताया गया है कि बांध में पानी की आवक और बढ़ने की स्थिति में डिस्चार्ज की मात्रा भी बढ़ाई जा सकती है।

इसका मतलब है कि जलग्रहण क्षेत्र से बांध में आने वाले पानी की मात्रा के आधार पर आने वाले समय में और पानी छोड़ा जा सकता है। हालांकि डिस्चार्ज बढ़ाने का निर्णय बांध की स्थिति और पानी की आवक को देखते हुए लिया जाएगा।

विभाग लगातार बांध के जलस्तर, कैचमेंट से होने वाली आवक और सोन नदी में छोड़े जा रहे पानी की निगरानी कर रहा है।

सोन नदी किनारे रहने वालों को किया अलर्ट

बाणसागर बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के चलते डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में सोन नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी की गई है।

लोगों को नदी के पास अनावश्यक रूप से नहीं जाने और जल प्रवाह को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यदि बांध से पानी की निकासी बढ़ाई जाती है तो नदी में प्रवाह भी तेजी से बढ़ सकता है।

नदी के आसपास रहने वाले लोगों के साथ मवेशियों को भी सुरक्षित स्थान पर रखने की जरूरत पड़ सकती है। स्थानीय स्तर पर जारी प्रशासनिक सूचनाओं का पालन करने के लिए कहा गया है।

मैदानी अमले को भी सतर्क रहने के निर्देश

जल संसाधन विभाग ने अपने मैदानी अमले को भी अलर्ट मोड पर रखा है। अधिकारियों और कर्मचारियों से सोन नदी के तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।

इसके अलावा संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक सूचना प्रसारित कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पानी की निकासी बढ़ने की स्थिति में लोगों तक समय रहते जानकारी पहुंच सके।

मैदानी कर्मचारियों को स्थानीय स्तर पर संपर्क बनाए रखने और नदी के प्रवाह में होने वाले बदलाव की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए कहा गया है।

नदी में उतरने से बचने की जरूरत

बांध से पानी छोड़े जाने के दौरान नदी का प्रवाह सामान्य दिनों के मुकाबले अधिक हो सकता है। ऐसे में नदी में नहाने, मछली पकड़ने या अन्य कामों के लिए उतरना जोखिम भरा हो सकता है।

विशेष रूप से ऐसे स्थानों पर सावधानी जरूरी है जहां अचानक पानी का स्तर बढ़ने की आशंका रहती है। तटवर्ती गांवों के लोगों को बच्चों और मवेशियों को नदी से दूर रखने की सलाह दी जा सकती है।

बांध से डिस्चार्ज में किसी भी तरह की बढ़ोतरी होने पर नदी में पानी की मात्रा और गति दोनों बढ़ सकती हैं।

कैचमेंट क्षेत्र की स्थिति पर नजर

बाणसागर बांध में पानी की स्थिति काफी हद तक उसके कैचमेंट क्षेत्र में होने वाली बारिश और वहां से आने वाले जल पर निर्भर करती है। फिलहाल बढ़ती आवक के कारण छह गेटों से पानी निकालना जारी रखा गया है।

जल संसाधन विभाग की टीम पानी की आवक और निकासी के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार आंकड़ों की निगरानी कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर गेटों की स्थिति और डिस्चार्ज में बदलाव किया जा सकता है।

अगले आदेश तक सतर्कता जरूरी

बांध के छह गेट लगातार दूसरे दिन खुले रहने और सोन नदी में कुल 804 क्यूमेक्स पानी के प्रवाह को देखते हुए डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में सतर्कता महत्वपूर्ण हो गई है।

फिलहाल गेट संख्या छह से 11 तक आधा-आधा मीटर खुले हैं और स्पिलवे से 630 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। पावर हाउस क्रमांक तीन के पानी को मिलाकर कुल प्रवाह 804 क्यूमेक्स है।

यदि कैचमेंट क्षेत्र से पानी की आवक और बढ़ती है तो बांध से डिस्चार्ज भी बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में सोन नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं पर ध्यान देने के लिए कहा गया है।

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