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छह दिनों से जारी बारिश ने बदला मौसम बादलों के बीच रिमझिम का दौर रहेगा जारी

वाराणसी। भादों मास की शुरुआत के साथ शुरू हुआ बारिश का सिलसिला लगातार छठे दिन भी जारी रहा। आसमान में घने बादलों का डेरा बना हुआ है और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। लगातार बादल छाए रहने के कारण सूर्यदेव के दर्शन भी मुश्किल से हो रहे हैं। लंबे समय बाद मानसून का ऐसा रूप देखने को मिला है, जब लगातार छह दिनों तक कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश का क्रम बना रहा।
लगातार हो रही बारिश के कारण वातावरण में ठंडक बढ़ गई है। पिछले दिनों गर्मी और उमस से परेशान लोगों को इससे बड़ी राहत मिली है। सुबह से लेकर शाम तक बादलों की मौजूदगी और बीच-बीच में होने वाली बूंदाबांदी के कारण मौसम सुहाना बना हुआ है। पुरवा हवाओं ने भी उमस को काफी हद तक नियंत्रित कर रखा है।
मंगलवार को बारिश का यह सिलसिला छठे दिन भी बना रहा। दिनभर आसमान में बादलों का घेरा दिखाई दिया। कई इलाकों में रुक-रुक कर बूंदाबांदी और हल्की बारिश दर्ज की गई। बादलों की मोटी परत के कारण धूप जमीन तक नहीं पहुंच सकी, जिससे दिन के तापमान में भी राहत महसूस की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वर्षों बाद भादों के दौरान लगातार इतने दिनों तक बारिश देखने को मिली है। मानसून इस बार लंबे अंतराल के बाद इस तरह मेहरबान दिखाई दे रहा है। हालांकि बारिश लगातार एक जैसी नहीं रही। कभी कुछ समय के लिए तेज बौछारें पड़ीं तो कभी हल्की रिमझिम का दौर चलता रहा।
बारिश के कारण शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक मौसम खुशनुमा बना हुआ है। खेतों और पेड़-पौधों पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। पर्याप्त नमी मिलने से हरियाली बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेती से जुड़े लोगों के लिए भी मानसून की सक्रियता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार अब बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कुछ कमी आने की संभावना है। गुरुवार से बादल कुछ हल्के हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी। मौसम विशेषज्ञों ने छिटपुट और रिमझिम बारिश का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना जताई है।
गुरुवार सुबह भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं हुआ। आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही और कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। सुबह से दोपहर तक बादलों का आना-जाना जारी रहा। इस दौरान पुरवा हवाओं की गति ने मौसम को आरामदायक बनाए रखा और लोगों को उमस का ज्यादा सामना नहीं करना पड़ा।
दोपहर के समय भी आसमान में बादल दिखाई देते रहे। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर गर्मी यानी लोकल हीटिंग बढ़ने की स्थिति में दोबारा बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में कुछ स्थानों पर अचानक बादल विकसित होने और बारिश होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मानसून के इस बदले मिजाज ने पिछले कुछ दिनों से मौसम के तापमान और वातावरण दोनों पर असर डाला है। लगातार बादलों की मौजूदगी के कारण दिन में तेज धूप नहीं निकल रही है। इससे तापमान में तेज बढ़ोतरी नहीं हो पा रही और मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।
रात के समय भी मौसम अपेक्षाकृत आरामदायक बना हुआ है। बारिश और नम हवाओं के कारण वातावरण में नमी जरूर मौजूद है, लेकिन पुरवा हवा चलने से उमस ज्यादा परेशान नहीं कर रही। सुबह के समय हल्की ठंडी हवा के साथ बादलों का मौसम लोगों को राहत दे रहा है।
लगातार बारिश से कुछ क्षेत्रों में सड़कों और निचले इलाकों में पानी जमा होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में लोगों को बारिश के दौरान आवाजाही करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेष रूप से उन सड़कों पर सतर्कता जरूरी है जहां जलभराव के कारण गड्ढों या सड़क की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
वहीं कृषि के नजरिए से इस बारिश पर किसानों की भी नजर बनी हुई है। भादों के दौरान होने वाली बारिश खरीफ की कई फसलों के लिए महत्वपूर्ण होती है। हालांकि लगातार अत्यधिक पानी जमा होने की स्थिति में कुछ फसलों को नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में बारिश की मात्रा और उसके वितरण पर किसानों की निगाह बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में मानसून पूरी तरह निष्क्रिय नहीं होगा। बादलों की सक्रियता में कुछ कमी जरूर आ सकती है, लेकिन स्थानीय परिस्थितियों के कारण रिमझिम बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
गुरुवार को सुबह से ही बादलों की आवाजाही ने मौसम विभाग के अनुमान के अनुरूप संकेत दिए। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हुई और दोपहर तक बादल आसमान में बने रहे। यदि दिन में तापमान बढ़ता है और लोकल हीटिंग की स्थिति बनती है तो शाम या बाद के घंटों में फिर बारिश हो सकती है।
लगातार छह दिनों से बने मानसूनी मौसम के कारण लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ा है। घर से बाहर निकलने वाले लोग छाता और बारिश से बचाव के अन्य साधन लेकर निकल रहे हैं। वहीं सुहाने मौसम का आनंद लेने वालों के लिए लगातार बादल और हल्की बारिश राहत लेकर आई है।
फिलहाल आसमान पूरी तरह साफ होने की संभावना कम दिखाई दे रही है। गुरुवार से बादल कुछ हल्के पड़ सकते हैं, लेकिन रिमझिम बारिश का सिलसिला बीच-बीच में जारी रहने का अनुमान है। मानसून की सक्रियता और पुरवा हवाओं के कारण अगले कुछ समय तक मौसम अपेक्षाकृत सुहाना बने रहने की संभावना है।





