उत्तर प्रदेश

Australia के साइमन गिल का सितार वादन, जमकर झूमे बनारसी

Uma Verma
1 April 2025 10:43 AM IST
Australia के साइमन गिल का सितार वादन, जमकर झूमे बनारसी
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बनारस | बनारस के सांगीतिक माहौल में एक नया रंग जुड़ा जब ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध सितार वादक साइमन गिल ने अपने अनूठे वादन से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। 'सुबह-ए-बनारस' कार्यक्रम के तहत साइमन ने सितार की मधुर ध्वनि से श्रोताओं का दिल छुआ। उनका वादन बनारस के सांगीतिक मंच पर एक दुर्लभ अवसर था, जब विदेशी कलाकार ने भारतीय संगीत की समृद्ध धारा में अपनी विशेष पहचान बनाई।

साइमन गिल ने अपने वादन की शुरुआत राग अहीर भैरव से की, जो एक भक्ति राग के रूप में जाना जाता है। इस राग की मधुरता और गंभीरता ने संगीत प्रेमियों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान किया। राग अहीर भैरव में उनकी प्रस्तुति मध्य तीन ताल में निबद्ध रचना के साथ शुरू हुई। रचना की शुरुआत में ही उन्होंने सितार की तानों और गति के साथ श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

इसके बाद साइमन ने द्रुत तीन ताल में निबद्ध एक और रचना प्रस्तुत की, जो संगीत के विभिन्न आयामों को छूते हुए गति और लय में पूरी तरह से सजीव हो उठी। उनके सितार वादन में हर एक ध्वनि स्पष्ट रूप से सुनाई दी, जो दर्शकों के दिल में गहरी छाप छोड़ गई। साइमन का सितार वादन इस कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता रहा, जिसने भारतीय संगीत के शास्त्रीय रूप को भी विदेशी दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया।

तबले पर अभिक गोस्वामी ने साइमन की संगत की। गोस्वामी की तबलाजी ने साइमन के सितार वादन में रंग भरने का काम किया। दोनों कलाकारों की संगति ने प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया। उनका संगीत सामंजस्य और लय में पूरी तरह से बंधा हुआ था, जिससे कार्यक्रम में एक दिव्य माहौल बना।

कार्यक्रम के अंत में साइमन गिल को उनके शानदार वादन के लिए प्रमाणपत्र दिया गया। डॉ. रत्नेश वर्मा ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया और उनके संगीत की सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित दर्शक साइमन के वादन के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त करते हुए तालियों से उनका स्वागत करते रहे। इस प्रकार, 'सुबह-ए-बनारस' में साइमन गिल का सितार वादन एक अविस्मरणीय अनुभव बना, जो बनारस के संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा रहेगा।

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