उत्तर प्रदेश

राम मंदिर चंदा लूट मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई, चंपत राय के करीबी समेत 8 गिरफ्तार

Kavita2
26 Jun 2026 4:54 PM IST
राम मंदिर चंदा लूट मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई, चंपत राय के करीबी समेत 8 गिरफ्तार
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे के कथित गलत इस्तेमाल के मामले में जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को SIT ने श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी टीनू यादव सहित कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है।

जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच के तहत गुरुवार को SIT ने आधिकारिक रूप से FIR दर्ज की थी। FIR दर्ज होने के तुरंत बाद जांच तेज कर दी गई और शुक्रवार को कई आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। यह मामला राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी माने जाने वाले रामशंकर यादव उर्फ टीनू यादव का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा अन्य गिरफ्तार आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, लव कुश मिश्रा, रामशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं।

SIT के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि चंदा संग्रह और उसके उपयोग में गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि चंदे की राशि का वितरण और उपयोग किस स्तर पर और किन लोगों की संलिप्तता से किया गया।

यह मामला राम मंदिर निर्माण जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट से जुड़ा होने के कारण काफी गंभीर माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब यह भी खंगाल रही हैं कि क्या इसमें किसी बड़े नेटवर्क या संगठित तरीके से वित्तीय गड़बड़ी की गई है।

SIT अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके अलावा डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

इस कार्रवाई के बाद अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।

जांच एजेंसी का कहना है कि यह प्रारंभिक चरण की कार्रवाई है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। SIT इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि चंदे के उपयोग में हुई किसी भी तरह की गड़बड़ी का पूरी तरह से खुलासा किया जा सके।

फिलहाल सभी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ जारी है। SIT का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर और नाम भी सामने आ सकते हैं।

यह मामला अब केवल वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसकी जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आने वाले समय में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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