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Shravasti: फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करने वाले 5 शिक्षक गिरफ्तार

श्रावस्ती: जिले में फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे छह शिक्षकों में से पांच को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि एक आरोपी फरार है। जांच रिपोर्ट के आधार पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने चार मार्च को इन सभी फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया था।
बीएसए की इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने पांच मार्च को इन शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और फिर गुरुवार को अलग-अलग स्थानों से पांच शिक्षकों को गिरफ्तार किया
गिरफ्तार शिक्षकों में शामिल हैं
1. आलोक कुमार गुप्ता उर्फ किसन – निवासी ईश्वरचंद नगर, थाना भोगनीपुर, जनपद कानपुर
2. प्रदीप कुमार – ग्राम इस्माइलपुर, थाना कानपुर नगर
3. जितेंद्र सिंह – ग्राम भोगीसागर, तहसील भोगनीपुर, कानपुर देहात
4. उमेश कुमार मिश्र – ग्राम रामपुर तप्पा कनैला, थाना कलवारी, जनपद बस्ती
5. सुशील कुमार – ग्राम परेहरापुर, जनपद कानपुर देहात
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
ये शिक्षक अलग-अलग प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे थे। इनकी नियुक्तियां इस प्रकार थीं:
प्रदीप कुमार – प्राथमिक विद्यालय केशवपुर
आलोक कुमार गुप्ता – प्राथमिक विद्यालय बल्दीडीह
जितेंद्र सिंह – प्राथमिक विद्यालय कोयलहवा
उमेश कुमार मिश्र – प्राथमिक विद्यालय बैभी गिलौला (बाद में पदोन्नति पाकर उच्च प्राथमिक विद्यालय असनहरिया, हरिहरपुररानी पहुंच गया)
सुशील कुमार – प्राथमिक विद्यालय भवनियापुर, जमुनहा
12 साल तक नौकरी करता रहा फर्जी शिक्षक
उमेश कुमार मिश्र की नियुक्ति 2013 में हुई थी, जबकि अन्य चार शिक्षकों की भर्ती 2017 में हुई। खास बात यह रही कि उमेश मिश्र 12 वर्षों तक बिना पकड़े फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक की नौकरी करता रहा। यहां तक कि उसे पदोन्नति भी मिल गई, लेकिन विभाग को इस फर्जीवाड़े की भनक तक नहीं लगी।
डीएम अजय कुमार द्विवेदी और एसपी घनश्याम चौरसिया ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ये सभी शिक्षक जाली अभिलेखों के सहारे नौकरी कर रहे थे। पुलिस अब फरार छठे आरोपी की तलाश कर रही है।





