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उत्तर प्रदेश
बिना नक्शा पास बन रहे शोरूम और कॉलोनियां SDA सिर्फ भेज रहा नोटिस
nidhi
24 Sept 2026 8:52 AM IST

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SDA के नोटिस
सहारनपुर: सहारनपुर विकास प्राधिकरण (SDA) क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए शोरूम, व्यावसायिक भवन और कॉलोनियां विकसित किए जाने का मामला सामने आया है। अवैध निर्माण रोकने के लिए प्राधिकरण की ओर से लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई दिखाई नहीं देने से कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि अब तक करीब छह हजार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, इसके बावजूद कई स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है।
शहर और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते निर्माण के बीच नक्शा स्वीकृत कराए बिना भवन खड़े किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई जगह बड़े शोरूम और व्यावसायिक प्रतिष्ठान तैयार किए जा रहे हैं, जबकि बाहरी क्षेत्रों में कॉलोनियां विकसित होने की बात कही जा रही है। नियमानुसार निर्माण से पहले विकास प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत कराना आवश्यक होता है।
अवैध निर्माण की जानकारी मिलने पर SDA की ओर से संबंधित भवन स्वामियों और कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए जाते हैं। नोटिस के माध्यम से निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने और नियमों का पालन करने को कहा जाता है। इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर सीलिंग या ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई का प्रावधान है। आरोप है कि बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने के बावजूद आगे की कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर नहीं हो रही है।
करीब छह हजार नोटिस का आंकड़ा सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो कितने मामलों में निर्माण रुकवाया गया, कितनी इमारतों को सील किया गया और कितने अवैध निर्माणों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई। केवल नोटिस जारी करने से अवैध निर्माण नहीं रुकने के कारण प्राधिकरण की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बिना स्वीकृत नक्शे के होने वाला निर्माण केवल राजस्व का मामला नहीं है। ऐसे निर्माण में पार्किंग, सड़क की चौड़ाई, अग्नि सुरक्षा, सेटबैक और अन्य बुनियादी मानकों की अनदेखी की आशंका रहती है। अवैध तरीके से विकसित कॉलोनियों में भविष्य में सड़क, नाली, सीवर, पेयजल और बिजली जैसी सुविधाओं को लेकर भी लोगों को परेशानी हो सकती है।
दूसरी ओर अवैध कॉलोनी में प्लॉट या मकान खरीदने वाले लोगों के लिए भी जोखिम रहता है। जमीन और निर्माण से जुड़े दस्तावेज स्पष्ट नहीं होने पर बाद में कानूनी विवाद या प्राधिकरण की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए संपत्ति खरीदने से पहले कॉलोनी की स्वीकृति, भूमि उपयोग और भवन मानचित्र से जुड़े दस्तावेजों की जांच जरूरी मानी जाती है। अब छह हजार नोटिस जारी होने के दावे के बीच नजर SDA की अगली कार्रवाई पर है। यदि नियमों का उल्लंघन साबित होता है तो संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई अपेक्षित होगी। वहीं कितने नोटिसों का निस्तारण हुआ और कितने मामलों में कार्रवाई लंबित है, इसका स्पष्ट विवरण सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी।
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