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- गुटखे के विवाद में...

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र स्थित खेड़ी भनौता गांव में मंगलवार को एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गुटखा देने में कथित देरी से नाराज छुट्टी पर आए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक हवलदार ने दुकानदार को गोली मार दी। गोली लगने से दुकानदार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी हवलदार को गिरफ्तार कर उसकी लाइसेंसी पिस्तौल बरामद कर ली।
पुलिस के अनुसार, घटना सूरजपुर क्षेत्र के खेड़ी भनौता गांव की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी आईटीबीपी का हवलदार छुट्टी पर अपने गांव आया हुआ था। वह गांव की एक दुकान पर गुटखा खरीदने पहुंचा। इसी दौरान गुटखा देने में कुछ देर होने पर उसकी दुकानदार से कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों के बीच पहले तीखी बहस हुई, जो कुछ ही देर में विवाद में बदल गई।
आरोप है कि बहस के दौरान हवलदार ने अपना आपा खो दिया और अपनी लाइसेंसी पिस्तौल निकालकर दुकानदार पर गोली चला दी। गोली लगते ही दुकानदार मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए इलाज शुरू कर दिया।
दिनदहाड़े हुई फायरिंग की इस घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सूरजपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए और आरोपी की तलाश शुरू की। कुछ ही देर में पुलिस ने आरोपी हवलदार को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्तौल भी बरामद कर ली है। हथियार को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि हो सके।
घायल दुकानदार का अस्पताल में उपचार जारी है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का कहना है कि पीड़ित के बयान दर्ज करने का प्रयास किया जाएगा। यदि उसकी स्थिति बयान देने योग्य नहीं होती है, तो चिकित्सकों की अनुमति मिलने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्रारंभिक जांच में यह मामला गुटखा देने में कथित देरी को लेकर हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या दोनों के बीच पहले से किसी प्रकार का विवाद या व्यक्तिगत रंजिश थी। सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक मामूली बात पर इस तरह गोली चलाना बेहद चिंताजनक है। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने क्षेत्र में एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उससे पूछताछ की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय उसकी मानसिक स्थिति कैसी थी तथा उसने किन परिस्थितियों में हथियार का इस्तेमाल किया। यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि व्यक्तिगत लाइसेंसी हथियारों का जिम्मेदारी से उपयोग कितना आवश्यक है। मामूली विवाद का हिंसक रूप लेना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पुलिस का कहना है कि कानून अपने हाथ में लेने की किसी को अनुमति नहीं है और दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घायल दुकानदार के स्वास्थ्य में सुधार और जांच की प्रगति के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।





