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Shamli: नगरीय विकास को बढ़ावा: यूपी में बने 125 नए नगर निकाय

शामली: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नगरीकरण की दिशा में बड़े कदम उठाते हुए प्रदेश में 125 नए नगर निकायों का गठन किया गया है। इसके अलावा अयोध्या, मथुरा-वृन्दावन और शाहजहांपुर जैसे बड़े शहरों को नगर निगम का दर्जा भी दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इन निकायों में बुनियादी सुविधाओं के विकास और निर्माण कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 17.70 लाख आवासों का निर्माण कराया जा चुका है। वहीं, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 19.72 लाख रेहड़ी-पटरी और ठेला विक्रेताओं को ऋण वितरित किया गया है।
उत्तर प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां 18 सेफ सिटी और 17 स्मार्ट सिटी शामिल हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 10,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 757 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें सड़क, सीवर, नालियां, स्ट्रीट लाइटिंग, पेयजल एवं जल निकासी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। अमृत योजना 2.0 के तहत लगभग 39 लाख घरों को पेयजल कनेक्शन और 8.60 लाख घरों को सीवरेज कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के तहत राज्य में 8.99 लाख व्यक्तिगत तथा 69,381 सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को ओपन डिफेकेशन फ्री (ODF) घोषित किया गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में गंगा टाउन कैटेगरी में वाराणसी को पहला स्थान, प्रयागराज को दूसरा और नोएडा को ‘स्टेट क्लीन सिटी’ का खिताब मिला।
राज्य सरकार ने अर्बन फ्लड और स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज योजना शुरू की है ताकि शहरी क्षेत्रों को जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं से राहत दिलाई जा सके। इसके साथ ही 58 नगर निकायों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने की योजना भी क्रियान्वित की जा रही है।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर और आगरा में मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी है, जबकि गोरखपुर मेट्रो के लिए DPR तैयार है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के बीच देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सेवा ‘नमो भारत’ का संचालन शुरू हो गया है। काशी में कैंट रेलवे स्टेशन से गिरजाघर तक रोपवे सेवा निर्माणाधीन है।
प्रदेश में ‘उपवन योजना’ के अंतर्गत पार्क और ओपन स्पेस विकसित किए जा रहे हैं। 2017-18 से 2024-25 तक 204.65 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।
शिकायतों के समाधान के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 1533 शुरू की गई है। जन्म-मृत्यु पंजीकरण, संपत्ति कर भुगतान और म्यूटेशन जैसी सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं। लखनऊ और गाजियाबाद नगर निगमों द्वारा म्युनिसिपल बॉन्ड जारी किए गए हैं। 14 शहरों में 740 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया गया है।
मलिन बस्ती पुनर्विकास नीति-2021 के तहत गरीबों की झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास का कार्य चल रहा है। ‘दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना’ के अंतर्गत 431 नगर पंचायतों/नगर पालिकाओं को आधारभूत सुविधाओं के लिए ₹1025 करोड़ दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र का गठन करते हुए लखनऊ के आसपास के क्षेत्रों को ‘उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन’ में शामिल कर ‘रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी एक्ट-2024’ लागू किया है।





