उत्तर प्रदेश

Shamli: DM-SP देर रात किसानों के धरने पर पहुंचे

Admindelhi1
10 Oct 2024 11:39 AM IST
Shamli: DM-SP देर रात किसानों के धरने पर पहुंचे
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भारी फाॅर्स देखकर किसानों में फ़ैल गयी अफवाह

शामली: शुगर मिल से लगभग 200 करोड़ के गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान न मिलने पर शामली में कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे किसानों के बीच देर रात जब डीएम – एसपी भारी फोर्स के साथ पहुंचे तो यह अफवाह फैल गई कि प्रशासन लाठी चार्ज कर किसानों को धरने से हटा देगा, इसके बाद आसपास के किसान धरने पर पहुंचने शुरू हो गए।

मंगलवार की देर शाम अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष कुमार सिंह, एसडीएम हामिद हुसैन व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में त्रिवेणी शुगर मिल के यूनिट हैड डॉक्टर अशोक चौधरी व किसानों के बीच 25 मिनट तक वार्ता हुई, जिसमें अशोक चौधरी 50 करोड़ रूपया भुगतान देने के लिए राजी थे लेकिन किसान अब पूरे भुगतान से पहले मानने को तैयार नहीं है और किसानों व चीनी मिल प्रबंधन के बीच वार्ता विफल हो गई थी।

इसके बाद किसान अगली रणनीति तैयार करने में लगे हुए थे कि इसी बीच देर रात जिलाधिकारी अरविंद चौहान और एसपी सेवक राम गौतम बड़ी पुलिस व पीएसी के साथ धरना स्थल पर पहुंच गए, जिससे यह अफवाह फैल गई कि अफसर लाठी चार्ज कर धरना खत्म करने आए हैं जिसके बाद आसपास के किसान धरना स्थल पर पहुँचने शुरू हो गए है।

जिलाधिकारी अरविंद चौहान ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने किसानों से कहा कि वह अभी 10 दिन पहले ही आए हैं, अभी शामली में ही रहेंगे। चीनी मिल पर 50 करोड़ के लिए उन्होंने दबाव बनाया था और बाकी भुगतान

भी वह जल्द कराएंगे लेकिन किसान अपना धरना समाप्त कर दे, जिस पर किसानों ने भी साफ इनकार कर दिया कि रात्रि में धरना समाप्त होने की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

किसान इस बात पर अड़े थे कि चीनी मिल मालिक को बुलाया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें भी दो-तीन दिन लगेंगे, पर किसान पूर्ण भुगतान लेने से पहले धरना खत्म करने को राजी नहीं हुए। डीएम ने उनसे हाई वे खाली करने को

कहा तो किसानों ने जिलाधिकारी को तहसील के अंदर प्रवेश करने की अनुमति देने की मांग की ताकि हाईवे खाली हो जाए, इस पर जिला अधिकारी तैयार नहीं हुए।

देर रात जिलाधिकारी और एसपी वापस लौट गए पर जिस तरह से किसानों का यह आंदोलन चल रहा है और इसके बढ़ने की संभावनाएं लग रही है, ऐसे में प्रशासन पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है और चीनी मिल प्रबंधन तंत्र अभी किसी भी दशा में पूर्ण भुगतान देने के लिए तैयार नहीं है।

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