उत्तर प्रदेश

17 सितंबर से यूपी में सेवा संकल्प अभियान योगी ने बताया महीनेभर का एजेंडा

Kavita2
12 Sept 2026 3:04 PM IST
17 सितंबर से यूपी में सेवा संकल्प अभियान योगी ने बताया महीनेभर का एजेंडा
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन एक महीने तक व्यापक सेवा संकल्प अभियान चलाएंगे। अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने शनिवार को इसकी जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजनीतिक यात्रा और देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। योगी ने कहा कि मोदी के साथ न कोई वंश परंपरा थी और न कोई विरासत, लेकिन उनमें देश के लिए कुछ करने की इच्छा थी। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रयासों को जनसेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ा।

मुख्यमंत्री के अनुसार, अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर होगी। एक महीने की अवधि में प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार और भाजपा संगठन इस अभियान के माध्यम से लोगों तक पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। इसका घोषित उद्देश्य सेवा, सुशासन और जनकल्याण के संदेश को व्यापक स्तर पर सामने रखना है। अभियान का दायरा पूरे प्रदेश में होगा, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर गतिविधियां आयोजित करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इसे व्यापक भागीदारी वाले कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया।

योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पहचान किसी राजनीतिक परिवार की विरासत पर आधारित नहीं थी। मुख्यमंत्री ने मोदी की साधना, मेहनत और देश के लिए काम करने की इच्छा की प्रशंसा की। यह टिप्पणी प्रधानमंत्री की राजनीतिक यात्रा के प्रति योगी के दृष्टिकोण को दर्शाती है। उन्होंने सेवा की भावना को अभियान की पृष्ठभूमि में रखा। मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि सार्वजनिक जीवन में जनहित के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है और अभियान के माध्यम से इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की यात्रा को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के विचार तथा महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की अवधारणा से भी जोड़ा। उन्होंने इन विचारों को आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की संकल्पना के संदर्भ में रखा। अभियान की रूपरेखा में ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’, ‘सेवा : मेरा योगदान’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा सेतु अभियान’ और ‘सेवा के संग-राष्ट्र के रंग’ जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। रक्तदान शिविरों का भी उल्लेख किया गया है।

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत सरकारी योजनाओं से जुड़े केंद्रों, राशन दुकानों, गैस वितरण केंद्रों, धार्मिक स्थलों और गंगा तट समेत विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलन की जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान प्रत्येक जिले में व्यापक स्तर पर आयोजित होगा और प्रभारी मंत्री भी इसमें शामिल होंगे। इस प्रकार अभियान में प्रतीकात्मक कार्यक्रमों के साथ सेवा से जुड़ी गतिविधियों को स्थान दिया गया है। हालांकि, अलग-अलग जिलों की तारीखवार कार्यक्रम सूची का पूरा विवरण इस घोषणा में सामने नहीं आया है।

अभियान की अवधि में सात अक्टूबर की तारीख भी महत्वपूर्ण बताई गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, उस दिन मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने के 25 वर्ष पूरे होंगे। इसी पृष्ठभूमि में एक महीने के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर का उपयोग प्रधानमंत्री की कार्ययात्रा और भाजपा के सेवा संबंधी संदेश को सामने रखने के लिए किया जाएगा। अभियान की शुरुआत जन्मदिन से होने और बीच में इस वर्षगांठ के पड़ने से कार्यक्रमों को एक साझा विषय मिला है।

प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन की सक्रिय भागीदारी के कारण अभियान का जनसंपर्क संबंधी महत्व भी है। यह आकलन अभियान के घोषित प्रदेशव्यापी दायरे पर आधारित है। जिलों में कार्यक्रम होने से नेताओं और कार्यकर्ताओं को लोगों से सीधे संवाद का अवसर मिल सकता है। सेवा गतिविधियों में भागीदारी और सरकार के कामकाज का संदेश पहुंचाना इस प्रक्रिया के अलग-अलग पहलू होंगे। हालांकि, अभियान से कितने लोग जुड़ेंगे और उसका राजनीतिक प्रभाव कितना होगा, यह पहले से निश्चित नहीं कहा जा सकता।

इस अभियान को लेकर पहले प्रकाशित एक रिपोर्ट में भाजपा द्वारा सोशल मीडिया, रील्स और कंटेंट क्रिएटर्स के माध्यम से सरकार की उपलब्धियां लोगों तक पहुंचाने की तैयारी का भी उल्लेख है। इसके अनुसार, पार्टी युवाओं के बीच प्रदेश में आए बदलाव का अपना पक्ष प्रस्तुत करना चाहती है। यह प्रचार संबंधी तैयारी अभियान के जनसंपर्क स्वरूप को दर्शाती है। सरकार की उपलब्धियों से संबंधित दावों को पार्टी के पक्ष के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

फिलहाल मुख्यमंत्री की घोषणा ने अभियान की अवधि और प्रमुख कार्यक्रमों की दिशा स्पष्ट की है। जिला स्तर पर आयोजन, प्रभारी मंत्रियों की भागीदारी और भाजपा संगठन की तैयारी इसके क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण होंगी। सेवा से जुड़ी गतिविधियों की पहुंच तथा लोगों की भागीदारी से अभियान का वास्तविक स्वरूप सामने आएगा। 17 सितंबर से शुरू होने वाले कार्यक्रमों के दौरान स्थानीय व्यवस्थाओं और घोषित गतिविधियों की प्रगति पर नजर रहेगी। सरकार और संगठन के लिए यह एक महीने तक प्रदेशभर में संवाद और सेवा कार्यक्रम चलाने का अवसर होगा।

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