उत्तर प्रदेश

वकील की मौत से सनसनी पति को किया था अंतिम वीडियो कॉल

nidhi
20 Sept 2026 9:47 AM IST
वकील की मौत से सनसनी पति को किया था अंतिम वीडियो कॉल
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हाईकोर्ट की वकील की मौत
लखनऊ: हाईकोर्ट की वकील कंचन सिंह की आत्महत्या का मामला सामने आया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कंचन ने आत्महत्या करने से पहले अपने दरोगा पति को वीडियो कॉल की थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और वीडियो कॉल के दौरान दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। बताया जा रहा है कि कंचन सिंह पेशे से अधिवक्ता थीं और
हाईकोर्ट
में वकालत करती थीं। उनकी शादी पुलिस विभाग में तैनात एक दरोगा से हुई थी। घटना के समय कंचन घर पर मौजूद थीं। इसी दौरान उन्होंने अपने पति से वीडियो कॉल पर बातचीत की। इसके बाद उनकी मौत की सूचना सामने आई।
घटना की खबर मिलते ही परिवार और परिचितों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ ही महिला के मोबाइल फोन और कॉल से संबंधित जानकारी की जांच कर रही है।
मामले में वीडियो कॉल को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आत्महत्या से ठीक पहले कंचन और उनके पति के बीच क्या बातचीत हुई थी। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों और संबंधित लोगों के बयान लेकर घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
महिला अधिवक्ता की मौत के पीछे पारिवारिक विवाद या किसी अन्य वजह की भूमिका थी या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल किसी व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी। ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाती है। घटना ने अधिवक्ता समुदाय से जुड़े लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि घटना से पहले महिला ने किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क किया था या कोई संदेश छोड़ा था।
नोट: इस घटना के बारे में विश्वसनीय स्रोतों से मुझे अभी कंचन सिंह से जुड़े ये विशिष्ट तथ्य स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं मिले हैं। इसलिए ऊपर की कॉपी आपके दिए तथ्य पर आधारित है और अतिरिक्त अपुष्ट आरोप नहीं जोड़े गए हैं। प्रकाशन से पहले संबंधित थाना/पुलिस के आधिकारिक बयान से नाम, स्थान और पति की पोस्टिंग की पुष्टि करना उचित होगा।
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