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DM, की अध्यक्षता में चयन समिति की बैठक, उत्कृष्ट बुनकरों को मिली पहचान

Meerut मेरठ : हथकरघा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में बुनकर पुरस्कार चयन समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मेरठ और सहारनपुर मंडल के हथकरघा बुनकरों द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट वस्त्रों और सैंपलों का मूल्यांकन किया गया।
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अंतर्गत परिक्षेत्रीय स्तर पर पुरस्कार के लिए बुनकरों का चयन किया गया। समिति ने हथकरघा क्षेत्र में बेहतर गुणवत्ता, आकर्षक डिजाइन और उत्कृष्ट कारीगरी के आधार पर मेरठ मंडल के तीन बुनकरों का चयन किया।
पुरस्कार के लिए चयनित बुनकरों में प्रथम स्थान मेरठ निवासी मनोज गुप्ता पुत्र प्रदीप कुमार को दिया गया है। वहीं द्वितीय पुरस्कार के लिए बागपत निवासी इस्लामुद्दीन पुत्र मोहम्मद अली का चयन किया गया। इसके अलावा तृतीय पुरस्कार के लिए बागपत निवासी प्रमोद कुमार पुत्र धर्मपाल को चुना गया है।
संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के तहत चयनित बुनकरों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। योजना के अनुसार प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले बुनकर को 20 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार विजेता को 15 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले बुनकर को 10 हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने हथकरघा क्षेत्र से जुड़े बुनकरों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हथकरघा उद्योग भारत की पारंपरिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे पुरस्कार बुनकरों के उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देने के साथ-साथ उन्हें आगे बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि पारंपरिक हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य बुनकरों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने वाले बुनकरों को प्रोत्साहन मिलने से इस क्षेत्र में नई ऊर्जा आएगी और युवा भी हथकरघा उद्योग से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।
बैठक में समिति के सदस्यों ने बुनकरों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न वस्त्रों और उत्पादों का बारीकी से निरीक्षण किया। गुणवत्ता, डिजाइन, तकनीकी कौशल और पारंपरिक कला के आधार पर पुरस्कार के लिए योग्य बुनकरों का चयन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, परिक्षेत्रीय सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग पश्चिमी क्षेत्र मेरठ/सहारनपुर मंडल अरविंद कुमार सिंह, बुनकर सेवा केंद्र मेरठ के अधिकारी, यूपी हैंडलूम कॉरपोरेशन, यूपिका, उपायुक्त उद्योग और नामित बुनकर प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने कहा कि हथकरघा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की योजनाएं लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे न केवल बुनकरों की प्रतिभा को पहचान मिलती है, बल्कि प्रदेश की पारंपरिक कला और संस्कृति को भी मजबूती मिलती है।





