उत्तर प्रदेश

CM आवास-विधानसभा की सुरक्षा बढ़ी

Kavita2
2 Aug 2026 9:51 AM IST
CM आवास-विधानसभा की सुरक्षा बढ़ी
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा परिसर और कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों सहित कई संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार को हुई आतंकी घटना के बाद मिले इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर राज्यभर में व्यापक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस, खुफिया एजेंसियां और अन्य सुरक्षा बल संभावित खतरों को देखते हुए हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट में उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी जिलों को अलर्ट पर रहने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि, अधिकारियों ने किसी विशेष स्थान या संभावित हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाए गए हैं।

सूत्रों का दावा है कि जांच एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं, जिनमें पाकिस्तान से जुड़े गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क की गतिविधियों पर विशेष नजर रखने की जरूरत बताई गई है। इसी इनपुट के आधार पर संबंधित एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े संभावित संपर्कों और संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण कर रही हैं। आधिकारिक स्तर पर इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।

राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा भवन, सचिवालय, राजभवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इन स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है। वाहनों की तलाशी, पहचान पत्रों की जांच और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड को भी सक्रिय रखा गया है।

मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, गोरखपुर और अन्य प्रमुख शहरों में भी पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, मेट्रो स्टेशन, एयरपोर्ट, होटल, धार्मिक स्थल, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है। संदिग्ध व्यक्तियों और लावारिस वस्तुओं पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कांवड़ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। प्रदेश से होकर गुजरने वाले प्रमुख कांवड़ मार्गों पर पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गई है। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर क्विक रिस्पांस टीम (QRT), एंटी-सैबोटाज टीम और बम निरोधक दस्तों को तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और कमिश्नरेट पुलिस को सार्वजनिक स्थानों पर गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और किराये पर रहने वाले लोगों का सत्यापन अभियान तेज करने को कहा गया है। साथ ही सीमावर्ती जिलों में वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

खुफिया एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डिजिटल माध्यमों पर भी लगातार निगरानी रख रही हैं। अफवाह फैलाने वाले या भ्रामक संदेश प्रसारित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। विभिन्न जिलों में मॉक ड्रिल, सुरक्षा समीक्षा बैठकें और संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण लगातार किया जा रहा है। पुलिस बल को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि समय पर मिले इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर सतर्कता बढ़ाना किसी भी संभावित खतरे को टालने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसी कारण सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। पुलिस, एटीएस, खुफिया विभाग और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सूचनाओं का लगातार आदान-प्रदान किया जा रहा है।

फिलहाल प्रदेश में स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षा जांच के दौरान धैर्य बनाए रखें और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और राज्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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