उत्तर प्रदेश

रेड कार्रवाई में खुला राज लिपिक अजय की करोड़ों की संपत्ति उजागर

Ratna Netam
19 Aug 2026 9:55 PM IST
रेड कार्रवाई में खुला राज लिपिक अजय की करोड़ों की संपत्ति उजागर
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उत्तर प्रदेश : आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस की कार्रवाई के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। पूर्व विधायक **मुकेश श्रीवास्तव** के भाई और स्वास्थ्य विभाग में लिपिक पद पर तैनात **अजय कुमार श्रीवास्तव** की करीब **28 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां** जांच के दौरान सामने आई हैं। विजिलेंस टीम ने आय से अधिक संपत्ति मामले में लखनऊ और गोंडा स्थित कई ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई है।
विजिलेंस के अनुसार, अजय श्रीवास्तव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले की जांच चल रही है। इसी जांच के तहत टीम ने उनके आवास, कारोबारी प्रतिष्ठानों और अन्य ठिकानों पर कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान सामने आई संपत्तियों को लेकर अब जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई में जुटी है।
छह मंजिला होटल समेत कई संपत्तियां मिलीं
जांच के दौरान विजिलेंस टीम को लखनऊ में स्थित एक छह मंजिला होटल की जानकारी मिली है। बताया गया है कि **मिलेनिया रिजेन्सी होटल** भी जांच के दायरे में है। यह होटल करीब 108 कमरों का बताया जा रहा है।
विजिलेंस के मुताबिक, होटल की कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि इसके इंटीरियर और अन्य सुविधाओं पर लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों को खरीदने और तैयार करने के लिए धन का स्रोत क्या था।
लखनऊ और गोंडा में हुई छापेमारी
विजिलेंस की टीम ने गोंडा के जानकीनगर स्थित आवास, लखनऊ के मटियारी इलाके में स्थित होटल और इंदिरानगर स्थित मकान समेत कई जगहों पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान टीम ने संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात जुटाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कृषि और आवासीय जमीन का भी खुलासा
जांच में अजय श्रीवास्तव और उनके परिवार के नाम कई जमीनों की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। इनमें गोंडा में आवासीय भूखंड और अन्य जिलों में कृषि भूमि शामिल बताई जा रही है।
विजिलेंस अब इन संपत्तियों की खरीद, बाजार मूल्य और आय के स्रोतों का मिलान कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संपत्तियां वैध आय से खरीदी गईं या नहीं।
एनआरएचएम मामले से भी जुड़ा नाम
अजय श्रीवास्तव का नाम पहले भी राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) घोटाले से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। उनके भाई और पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव भी इस मामले में जांच के दायरे में रहे हैं।
विजिलेंस ने पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई की थी। जांच एजेंसी का कहना है कि पूरे मामले में वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की खरीद की जांच की जा रही है।
साझेदारी और कारोबारी गतिविधियों की जांच
जांच एजेंसी अब यह भी पता लगा रही है कि सामने आई संपत्तियों में किन लोगों की भागीदारी है। होटल और अन्य व्यवसायों में जुड़े साझेदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
विजिलेंस यह जानने का प्रयास कर रही है कि संपत्ति निर्माण में किसी अन्य व्यक्ति या फर्म के जरिए निवेश तो नहीं किया गया।
दस्तावेजों की होगी जांच
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसी बैंक खातों, संपत्ति खरीद के रिकॉर्ड और आय के स्रोतों का मिलान करेगी।
अगर जांच में आय से अधिक संपत्ति की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं में आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
भ्रष्टाचार के मामलों पर सरकार सख्त
उत्तर प्रदेश सरकार लगातार भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में कार्रवाई का दावा करती रही है। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की संदिग्ध संपत्तियों की जांच के लिए विजिलेंस और अन्य एजेंसियां समय-समय पर कार्रवाई करती हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आगे बढ़ सकती है कार्रवाई
फिलहाल विजिलेंस की जांच जारी है। आने वाले दिनों में संपत्तियों से जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अजय श्रीवास्तव के पास इतनी बड़ी संपत्ति किस तरह आई और क्या इसमें किसी तरह की अनियमितता हुई है।
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