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उत्तर प्रदेश
यूपी में 20 घंटे में दूसरी मौत, सरकारी आदेश पर सवाल
Ashish verma
11 Oct 2026 1:19 PM IST

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Varanasi : वाराणसी में नवरात्रि के पहले दिन मंदिर से दर्शन कर घर लौट रहे 55 वर्षीय साड़ी कारोबारी सुनील कुमार गुजराती की चाइनीज मांझे की चपेट में आने से मौत हो गई। वह बाइक से लौट रहे थे, तभी उनकी गर्दन पतंग के मांझे की चपेट में आ गई। गर्दन कटने से उनकी जान चली गई। उत्तर प्रदेश में करीब 20 घंटे के भीतर चाइनीज मांझे से मौत की यह दूसरी घटना बताई जा रही है। इस हादसे ने सड़क पर आने-जाने वाले लोगों के लिए मांझे से पैदा होने वाले खतरे को फिर सामने ला दिया है।
सुनील कुमार गुजराती नवरात्रि के पहले दिन मंदिर में दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद वह बाइक से अपने घर की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी गर्दन चाइनीज मांझे की चपेट में आ गई। मंदिर से घर तक का सफर जानलेवा हादसे में बदल गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गर्दन कटने के कारण उनकी मौत हुई। घटना में जान गंवाने वाले सुनील कुमार गुजराती साड़ी कारोबार से जुड़े थे और उनकी उम्र 55 वर्ष थी।
इस घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि मांझे की चपेट में एक ऐसे व्यक्ति की जान गई, जो बाइक से अपने घर लौट रहा था। उनका पतंग उड़ाने से कोई संबंध नहीं बताया गया है। रास्ते में गर्दन पर मांझा लगने से यह हादसा हुआ। इस तरह पतंग में इस्तेमाल होने वाला धागा सड़क से गुजर रहे व्यक्ति के लिए जानलेवा बन गया। कारोबारी की मौत ने उनके परिवार से एक सदस्य छीन लिया।
नवरात्रि के पहले दिन दर्शन कर लौटने के दौरान हुई इस घटना ने धार्मिक यात्रा को दुखद मोड़ दे दिया। सुनील कुमार गुजराती मंदिर गए और वहां से घर वापस आ रहे थे। इसी वापसी के सफर में उनकी गर्दन मांझे की चपेट में आई। घटना के बारे में सामने आए विवरण में बाइक से लौटने और गर्दन कटने की बात स्पष्ट है। हालांकि, हादसे के सटीक स्थान, समय और मंदिर के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है।
उत्तर प्रदेश में लगभग 20 घंटे के भीतर चाइनीज मांझे से मौत की यह दूसरी घटना बताई जा रही है। कम समय के अंतराल में दो मौतों की जानकारी इस खतरे की गंभीरता दिखाती है। हालांकि, दूसरी घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके स्थान का विवरण यहां उपलब्ध नहीं है। इसलिए वाराणसी की घटना के साथ उसका विस्तृत तुलनात्मक घटनाक्रम नहीं दिया जा सकता। फिलहाल दूसरी मौत का उल्लेख प्राप्त जानकारी के अनुसार ही किया जा रहा है।
वाराणसी में जान गंवाने वाले कारोबारी की पहचान सामने आने से हादसे का व्यक्तिगत पक्ष भी स्पष्ट होता है। 55 वर्षीय सुनील कुमार गुजराती अपने कारोबार और परिवार से जुड़े जीवन के बीच मंदिर दर्शन के लिए निकले थे। उनकी वापसी के दौरान हुई दुर्घटना ने परिवार की खुशियां छीन लीं। यह घटना केवल मांझे से चोट लगने का मामला नहीं रही, बल्कि इसमें एक व्यक्ति की जान चली गई। यही बात इसे बेहद गंभीर बनाती है।
पतंग का मांझा सड़क पर गुजर रहे बाइक सवार की गर्दन तक पहुंचना इस हादसे का मुख्य घटनाक्रम है। बाइक से चलते समय सुनील कुमार गुजराती उसकी चपेट में आए और गर्दन कट गई। उपलब्ध विवरण में यह नहीं बताया गया है कि मांझा किस ओर से आया या वहां पतंग कौन उड़ा रहा था। इसलिए किसी व्यक्ति की पहचान या भूमिका को लेकर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। घटना में मांझे के संपर्क से हुई मौत की जानकारी सामने है।
हादसे के बाद इलाज, अस्पताल या अन्य घटनाक्रम का विवरण दिए गए मैटर में शामिल नहीं है। ऐसे में यह बताना संभव नहीं है कि कारोबारी को कहां ले जाया गया या उनकी मौत किस समय हुई। स्पष्ट जानकारी यह है कि गर्दन कटने से उनकी जान चली गई। खबर का मुख्य आधार उनकी पहचान, उम्र, व्यवसाय, बाइक से लौटने की परिस्थिति और मांझे की चपेट में आना है। इन तथ्यों से आगे किसी घटनाक्रम की पुष्टि नहीं हुई है।
चाइनीज मांझे से हुई इस मौत ने सार्वजनिक रास्तों पर मौजूद खतरे की ओर ध्यान खींचा है। पतंग उड़ाने की गतिविधि से अलग, सड़क पर बाइक से जा रहे व्यक्ति का उसकी चपेट में आना चिंता का विषय है। सुनील कुमार गुजराती के मामले में गर्दन पर मांझा लगना जानलेवा साबित हुआ। लगभग 20 घंटे के भीतर दूसरी मौत बताए जाने से इस विषय की गंभीरता और बढ़ती है। दोनों घटनाओं का पूरा विवरण अलग-अलग स्पष्ट होना जरूरी है।
घटना से संबंधित पुलिस कार्रवाई, किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत या जांच के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए गिरफ्तारी, मुकदमा दर्ज होने या किसी विशेष कार्रवाई का दावा नहीं किया जा सकता। इसी तरह हादसे को लेकर प्रशासन का बयान भी उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है। वाराणसी की इस घटना में फिलहाल साड़ी कारोबारी की मौत और उसकी परिस्थितियों की जानकारी सामने आई है।
नवरात्रि के पहले दिन मंदिर से लौट रहे सुनील कुमार गुजराती अपने घर नहीं पहुंच सके। बाइक से वापसी के दौरान चाइनीज मांझे ने उनकी गर्दन काट दी और उनकी मौत हो गई। उत्तर प्रदेश में करीब 20 घंटे में ऐसी दूसरी मौत बताए जाने के बीच यह घटना मांझे से होने वाले जानलेवा हादसों की गंभीरता सामने रखती है।
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