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उत्तर प्रदेश
सपा कांग्रेस के बीच सीटों का विवाद खत्म रमाशंकर राजभर ने किया बड़ा दावा
Ratna Netam
19 Oct 2026 5:18 PM IST

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने सपा और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर बड़ा दावा किया है। सोमवार, 19 अक्टूबर को उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे का मामला सुलझ चुका है और जल्द ही शीर्ष नेतृत्व इसकी औपचारिक घोषणा करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस विपक्षी इंडिया गठबंधन के तहत मिलकर चुनाव लड़ेंगी।रमाशंकर राजभर ने कहा कि दोनों पार्टियों का मुख्य उद्देश्य चुनाव में जीत हासिल करना है। कौन-सी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना गठबंधन की एकजुटता बनाए रखना। हालांकि, सीट बंटवारे के समझौते की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।
रमाशंकर राजभर बोले- सीटों से ज्यादा जीत मायने रखती है
सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन एकजुट रहेगा और समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगी।उन्होंने दावा किया कि दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे पर सहमति बन चुकी है। अब केवल शीर्ष नेतृत्व की ओर से औपचारिक घोषणा होना बाकी है।राजभर ने कहा कि सपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जल्द ही संयुक्त रूप से सामने आकर समझौते की जानकारी देंगे। उनके मुताबिक, गठबंधन के भीतर सीटों को लेकर चल रही चर्चा का समाधान निकाल लिया गया है।उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव जीतना गठबंधन की प्राथमिकता है और सीटों की संख्या को लेकर मतभेद नहीं होने चाहिए।
सीट बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रही बातचीत
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर पिछले कई महीनों से बातचीत चल रही है।कांग्रेस राज्य में सम्मानजनक संख्या में विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग करती रही है। वहीं समाजवादी पार्टी अपनी संगठनात्मक स्थिति और पिछले चुनावों के प्रदर्शन को ध्यान में रखकर सीटों का बंटवारा करना चाहती है।कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सितंबर में कहा था कि पार्टी अक्टूबर तक सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने का प्रयास करेगी। उन्होंने गठबंधन में बराबरी और सम्मानजनक हिस्सेदारी की बात भी कही थी।
कांग्रेस ने पहले जताई थी अधिक सीटों की मांग
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से 150 से 200 सीटों तक की मांग किए जाने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, सीटों की संख्या को लेकर दोनों पार्टियों के बीच अंतिम सहमति की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।समाजवादी पार्टी के सामने भी अपने मजबूत क्षेत्रों और संभावित उम्मीदवारों को ध्यान में रखते हुए सीटों के तालमेल की चुनौती है।9 अक्टूबर तक की रिपोर्टों में दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत जारी होने की जानकारी सामने आई थी। ऐसे में रमाशंकर राजभर के ताजा बयान को गठबंधन की बातचीत में महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
लोकसभा चुनाव में साथ लड़ चुकी हैं दोनों पार्टियां
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन के तहत मिलकर चुनाव लड़ा था।उस चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 37 और कांग्रेस ने छह लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। इस प्रदर्शन के बाद दोनों दलों ने विधानसभा चुनाव के लिए भी आपसी सहयोग बनाए रखने की दिशा में बातचीत शुरू की।अब 2027 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन की रणनीति, उम्मीदवारों के चयन और सीटों के बंटवारे पर दोनों पार्टियों के नेताओं की नजर बनी हुई है।
भाजपा से मुकाबले की तैयारी में इंडिया गठबंधन
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के सामने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं।समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार पिछड़े वर्गों, दलितों, अल्पसंख्यकों और अन्य सामाजिक समूहों को साथ लाने की रणनीति पर जोर दे रहे हैं। पार्टी अपने पीडीए अभियान को विधानसभा चुनाव में भी प्रमुख राजनीतिक मुद्दे के रूप में आगे बढ़ा रही है।वहीं कांग्रेस भी राज्य में अपना संगठन मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।दोनों पार्टियों के लिए सीटों का तालमेल महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इससे उम्मीदवारों के चयन और चुनावी तैयारियों की दिशा तय होगी।
शीर्ष नेतृत्व की घोषणा पर टिकी नजरें
रमाशंकर राजभर के बयान के बाद अब समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की औपचारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दोनों पार्टियां कितनी-कितनी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। इसके अलावा गठबंधन में अन्य दलों की भूमिका को लेकर भी अंतिम तस्वीर सामने आना बाकी है।उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं। ऐसे में सीट बंटवारे का फैसला दोनों पार्टियों की चुनावी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।फिलहाल रमाशंकर राजभर ने समझौता होने का दावा किया है, लेकिन आधिकारिक घोषणा के बाद ही सीटों की संख्या और गठबंधन की पूरी रूपरेखा स्पष्ट हो सकेगी।
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